वित्त-बीमा

पेमेंट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड खत्म होने से फिनटेक फर्मों के राजस्व पर मामूली असर

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 2023 में इस योजना को दो साल के लिए बढ़ा दिया था और यह दिसंबर 2025 तक वैध थी

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अजिंक्या कवाले   
Last Updated- January 23, 2026 | 10:55 PM IST

पेमेंट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (पीआईडीएफ) के खत्म होने से पेटीएम और फोनपे जैसी प्रमुख फिनटेक कंपनियों के राजस्व में मामूली फर्क पड़ने की संभावना है। शुक्रवार को बीएसई पर पेटीएम के शेयर 9.53 फीसदी गिरकर 1,140.75 रुपये पर आ गए।

पेटीएम ने एक बयान में कहा, अगर मौजूदा योजना का विस्तार नहीं किया जाता या इसकी जगह दूसरी नहीं आती है तो हम उच्च राजस्व और अधिक लक्षित बिक्री प्रयासों के जरिए इसके असर को काफी हद तक कम करने की उम्मीद करते हैं। 

पेटीएम ब्रांड की परिचालक कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस ने बताया कि उसे वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में इस योजना से 128 करोड़ रुपये मिले। इस दौरान पेटीएम का कुल भुगतान राजस्व 2,190 करोड़ रुपये रहा।

बेंगलूरु की फिनटेक कंपनी फोनपे ने अपने अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में बताया कि कंपनी को वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में इस योजना से 167.4 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। फोनपे के मामले में पीआईडीएफ प्रोत्साहन राशि भुगतान से प्राप्त कुल राजस्व का 5.2 फीसदी थी। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में 3,238.3 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया।

पीआईडीएफ योजना को छोटे और कस्बाई इलाकों, देश के पूर्वोत्तर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भुगतान स्वीकृति का बुनियादी ढांचा लगाने के लिए बतौर प्रोत्साहन शुरू किया गया था।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 2023 में इस योजना को दो साल के लिए बढ़ा दिया था और यह दिसंबर 2025 तक वैध थी। नवंबर 2023 में योजना की कुल निधि 1026.37 करोड़ रुपये थी। यह योजना मूल रूप से 2021 में शुरू की गई थी।

फिलहाल, बैंकिंग नियामक ने योजना के विस्तार या इसकी जगह दूसरी लाने के संबंध में कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। पेमेंट्स एक्सेप्टेंस इन्फ्रा में फिजिकल प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनल और त्वरित प्रतिक्रिया (क्यूआर) कोड शामिल हैं। बड़े और मझोले केंद्रों में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि योजना) के लाभार्थियों को दी जाने वाली योजना भी इसके दायरे में आती है।

First Published : January 23, 2026 | 10:44 PM IST