NFO Alert: मोतीलाल ओसवाल म्युचुअल फंड ने मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज फंड (Motilal Oswal Financial Services Fund) लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो मुख्य रूप से फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में निवेश करेगी। इस स्कीम का मकसद लंबी अवधि में निवेशकों की दौलत में इजाफा करना है। इसके लिए यह कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करेगी, जो फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस में शामिल हैं। इस स्कीम का न्यू फंड ऑफर (NFO) 27 जनवरी से 10 फरवरी 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा।
फंड का नाम – मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज फंड
फंड टाइप – ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम
NFO ओपन डेट – 27 जनवरी, 2026
NFO क्लोजिंग डेट – 10 फरवरी, 2026
मिनिमम निवेश – ₹500 और उसके बाद ₹1 के मल्टीपल में
एग्जिट लोड – आवंटन के दिन से 90 दिनों के भीतर यूनिट्स बेचने पर 1% फीस लगेगा
बेंचमार्क – Nifty Services Sector TRI
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फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण और तेजी से बढ़ता हुआ स्तंभ है। इसमें बैंकिंग, बीमा, कैपिटल मार्केट और फिनटेक इकोसिस्टम शामिल हैं। पिछले एक दशक में यह सेक्टर पारंपरिक लोन कारोबार से आगे बढ़ चुका है और एक्सचेंज, एसेट मैनेजमेंट कंपनियों, बीमा, फिनटेक प्लेटफॉर्म और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे नॉन-लेंडिंग बिजनेस में भागीदारी लगातार बढ़ी है।
ऐतिहासिक रूप से भारत का फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर व्यापक स्तर पर विस्तार दिखाता रहा है। बैंक डिपॉजिट और एडवांस, एनबीएफसी का एयूएम, म्युचुअल फंड का एयूएम, बीमा प्रीमियम और शेयर बाजार की गतिविधियों में बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि देश का फाइनेंशियल इकोसिस्टम लंबी अवधि में लगातार मजबूत होता रहा है।
मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के एमडी और सीईओ प्रतीक अग्रवाल ने कहा, “भारत में फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। उद्योग का औपचारिकरण, बढ़ता डिजिटलीकरण और कैपिटल मार्केट में भाग लेने वाले घरों की संख्या बढ़ने से यह सेक्टर तेजी से बदल रहा है। वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की घरेलू बुनियाद मजबूत बनी हुई है। अब यह उद्योग केवल बैंकिंग तक सीमित नहीं रहा है। 2010 से 2024 के बीच एनबीएफसी, हाउसिंग फाइनेंस, बीमा, फिनटेक और कैपिटल मार्केट से जुड़ी लिस्टेड कंपनियों में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। इस फंड का पोर्टफोलियो MOAMC की QGLP (क्वालिटी, ग्रोथ, लॉन्गेविटी और प्राइस) इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी पर आधारित है, जिसे BFSI सेक्टर में रिस्क मैनेजमेंट फ्रेमवर्क और सब-सेक्टर रोटेशन से सपोर्ट मिलता है।”
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मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के फंड मैनेजर अजय खंडेलवाल ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में भारत का फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर काफी तेजी से बढ़ा है। नॉन-लेंडिंग फाइनेंशियल सर्विसेज की मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगभग 15 गुना की बढ़ोतरी हुई है, जबकि लेंडिंग बिजनेस में करीब 4 गुना की वृद्धि देखने को मिली है। इससे यह साफ होता है कि यह सेक्टर अब पारंपरिक बैंकिंग से आगे बढ़कर डायवर्स रूप ले चुका है।”
उन्होंने आगे कहा कि आज BFSI सेक्टर निफ्टी 50 के नेट प्रॉफिट (PAT) में लगभग 33 फीसदी का योगदान देता है और भारत के कुल मार्केट में मौजूद लंबी अवधि के अवसरों का करीब 27 फीसदी हिस्सा इसी सेक्टर से आता है। हमारी स्ट्रैटेजी 20 से 25 शेयरों का एक हाई-कन्विक्शन पोर्टफोलियो तैयार करने की है, जिसमें लेंडिंग और नॉन-लेंडिंग दोनों तरह के बिजनेस शामिल होंगे और फाइनेंशियल साइकिल के अलग-अलग चरणों के अनुसार एक्सपोजर को संतुलित किया जाएगा।
इस फंड को अजय खंडेलवाल (फंड मैनेजर – इक्विटी कंपोनेंट), अतुल मेहरा (फंड मैनेजर – इक्विटी कंपोनेंट), संदीप जैन (फंड मैनेजर – इक्विटी कंपोनेंट), भालचंद्र शिंदे (एसोसिएट फंड मैनेजर – इक्विटी कंपोनेंट), राकेश शेट्टी (फंड मैनेजर – डेट कंपोनेंट) और स्वप्निल मयेकर (फंड मैनेजर – विदेशी प्रतिभूतियां) मिलकर मैनेज करेंगे।
(डिस्क्लेमर: यहां NFO की डीटेल दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)