NFO Alert: व्हाइटओक कैपिटल म्युचुअल फंड ने कंजप्शन थीम पर चलने वाला एक नया फंड बाजार में उतारा है। इस स्कीम का नाम, व्हाइटओक कैपिटल कंजम्पशन अपॉर्चुनिटीज फंड (WhiteOak Capital Consumption Opportunities Fund) है। यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है। इस फंड का मकसद लंबी अवधि में निवेशकों की दौलत में इजाफा करना है। इसके लिए यह स्कीम, मुख्य रूप से कंजम्प्शन और कंजम्प्शन से जुड़ी गतिविधियों, उनसे संबंधित या सहायक सेक्टर्स में काम करने वाली कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करेगी। साथ ही उन कंपनियों में भी निवेश किया जाएगा जिन्हें घरेलू उपभोग आधारित मांग से लाभ मिलने की उम्मीद है। इस न्यू फंड ऑफर (NFO) में सब्सक्रिप्शन 20 जनवरी से चालू हो गया है और 3 फरवरी को बंद होगा।
फंड का नाम – व्हाइटओक कैपिटल कंजम्पशन अपॉर्चुनिटीज फंड
फंड टाइप – ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम
NFO ओपन डेट – 20 जनवरी, 2026
NFO क्लोजिंग डेट – 3 फरवरी, 2026
मिनिमम निवेश – ₹500 और उसके बाद ₹1 के मल्टीपल में
मिनिमम SIP निवेश – ₹100 और उसके बाद ₹1 के मल्टीपल में
एग्जिट लोड – 1 महीने के भीतर यूनिट्स को रिडीम या स्विच-आउट करने पर 1% का एग्जिट लोड लगेगा।
बेंचमार्क – Nifty India Consumption Total Return Index (TRI)
रिस्क लेवल – बहुत ज्यादा जोखिम (very high risk)
फंड मैनेजर – रमेश मंत्री, तृप्ति अग्रवाल, धीरेश पाठक और पीयूष बरनवाल
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भारत की घरेलू खपत (डोमेस्टिक कंजम्प्शन) को आबादी में वृद्धि, डिस्पोजेबल आय में इजाफा, शहरीकरण, डिजिटल पहुंच का विस्तार और क्रेडिट की बढ़ती उपलब्धता जैसे लॉन्ग टर्म फैक्टर्स से लगातार सहारा मिल रहा है। इसके अलावा, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर केंद्र सरकार की पहलें और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) में बढ़ोतरी भी लंबी अवधि में खपत आधारित आर्थिक वृद्धि को मजबूती प्रदान कर रही हैं।
व्हाइटओक कैपिटल एएमसी के सीईओ आशीष सोमैया ने कहा, “भारत की घरेलू खपत की कहानी शॉर्ट टर्म साइकिल्स की बजाय स्ट्रक्चरल फैक्टर्स के सहारे आगे बढ़ रही है। आय में बढ़ोतरी, अर्थव्यवस्था का औपचारीकरण और उपभोक्ता पसंद में बदलाव लगातार कंजम्प्शन से जुड़े सेक्टर्स में नए अवसर पैदा कर रहे हैं। व्हाइटओक कैपिटल कंजम्पशन अपॉर्चुनिटीज फंड का मकसद निवेशकों को रिसर्च-आधारित और अनुशासित निवेश रणनीति के जरिए इस लंबी अवधि की थीम में भागीदारी का आसान तरीका देना है।”
इंडस्ट्री डेटा के मुताबिक, इस समय कई ओपन-एंडेड म्युचुअल फंड स्कीमें कंजम्प्शन थीम पर आधारित हैं, जिनका एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 31 दिसंबर 2025 तक लगभग 38,390 करोड़ रुपये है। समय के साथ कंजम्प्शन-थीम वाली स्कीमों के AUM में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो इस थीम में निवेशकों की निरंतर रुचि को दर्शाती है।
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व्हाइटओक कैपिटल एएमसी के CIO, रमेश मंत्री ने कहा, “यह स्कीम स्टॉक चयन के लिए बॉटम-अप अप्रोच अपनाएगी और ऐसे बिजनेस पर फोकस करेगी जिनके स्केलेबल बिजनेस मॉडल, मजबूत गवर्नेंस और लगातार रिटर्न देने की क्षमता हो। हालांकि फंड कंजम्प्शन थीम पर आधारित है, लेकिन इसमें किसी खास मार्केट कैपिटलाइजेशन का झुकाव नहीं होगा और यह कंजम्प्शन वैल्यू चेन के पूरे दायरे में अवसर तलाशेगा।”
सामान्य परिस्थितियों में यह स्कीम अपने नेट एसेट्स का 80 से 100 फीसदी हिस्सा कंजम्प्शन थीम से जुड़ी कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करेगी। इसके अलावा, पोर्टफोलियो का अधिकतम 20 फीसदी हिस्सा थीम से बाहर की इक्विटी में और अधिकतम 20 फीसदी डेट तथा मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में नियामकीय सीमाओं के अनुरूप निवेश किया जा सकता है। यह स्कीम लागू नियमों के अधीन REITs और InvITs में भी निवेश कर सकती है।
(डिस्क्लेमर: यहां NFO की डीटेल दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)