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अजित पवार का 66 साल की उम्र में निधन: 1991 में पहली बार जीता लोकसभा चुनाव, समर्थकों में ‘दादा’ के नाम से लोकप्रिय

1991 में ही उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इस साल वे पहली बार बारामती से लोकसभा के लिए चुने गए।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- January 28, 2026 | 1:18 PM IST

पुणे जिले में बुधवार सुबह विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया। यह घटना उस समय हुई जब अजित पवार (66) का विमान पुणे के बारामती इलाके में उतर रहा था। उनके असमय निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत राजनीतिक जगत की तमाम ह​स्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

अजित अनंतराव पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में हुआ था। वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के पुत्र थे। अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार से प्रेरणा लेकर राजनीति में कदम रखा। वे आम लोगों और अपने समर्थकों के बीच ‘दादा’ के नाम से जाने जाते हैं। अ​जित पवार ने 1982 में सबसे पहले एक चीनी सहकारी संस्था का चुनाव लड़ा और उसके बोर्ड में चुए गए।

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महाराष्ट्र की राजनीति में प्रभावशाली नेता

अजित पवार को महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वाकांक्षी और प्रभावशाली नेता के रूप में जाना जाता है। 2009 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने उप मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई थी, लेकिन उस समय छगन भुजबल को यह जिम्मेदारी मिली। हालांकि, पृथ्वीराज चव्हाण की सरकार में दिसंबर 2010 में वह पहली बार उप मुख्यमंत्री बने। 2013 में उनका नाम सिंचाई घोटाले से जुड़े विवाद में आया। जिसके चलते उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। बाद में क्लीन चिट मिली और वह फिर से पद पर लौटे।

1991 में पहली बार बने सांसद

अजित पवार ने राजनीति की शुरुआत 1982 में की, जब वह मात्र 23 वर्ष के थे। उन्होंने सबसे पहले एक चीनी सहकारी संस्था का चुनाव लड़ा। इसके बाद 1991 में वे पुणे जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष बने। इस पद पर वे 16 साल तक रहे। 1991 में ही उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इस साल वे पहली बार बारामती से लोकसभा के लिए चुने गए। हालांकि, अपने चाचा शरद पवार के लिए सीट छोड़ दी। जो बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव की सरकार में रक्षा मंत्री बने।

हालांकि, अजीत पवार उसी साल महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने गए। वे 1992-1993 तक राज्य के कृषि और बिजली राज्य मंत्री बने। इसके बाद साल 1995, 1999, 2004, 2009 और 2014 में बारामती निर्वाचन क्षेत्र से वह लगातार जीतते रहे। कृषि, बागवानी, बिजली और जल संसाधन मंत्री जैसी अहम जिम्मेदारियां संभाली। जल संसाधन मंत्री के रूप में उन्होंने कृष्णा घाटी और कोकण सिंचाई परियोजनाओं की जिम्मेदारी संभाली।

अजित पवार: कब-कब रहे उप मुख्यमंत्री

अजित पवार 10 नवंबर 2010 – 25 सितंबर 2012 तक पृथ्वीराज चव्हाण की सरकार में पहली बार उप मुख्यमंत्री रहे थे। उसके बाद 25 अक्तूबर 2012 – 26 सितंबर 2014 तक एक बार फिर यह जिम्मेदारी संभावली। उस समय भी पृथ्वीराज चव्हाण मुख्यमंत्री थे। इसके बाद साल 2019 में देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली सरकार में उप मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। यह कार्यकाल 23 नवंबर 2019 – 26 नवंबर 2019 तक रहा। इसके बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में बनी सरकार में भी 30 दिसंबर 2019 – 29 जून 2022  इस पर पर रहे। इसके बाद 2 जुलाई 2023 से महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे। वे दिसंबर 2024 से फडणवीस सरकार में एकनाथ शिंदे के साथ महाराष्ट्र के 8वें उप मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत रहें।

First Published : January 28, 2026 | 12:53 PM IST