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Ultratech Cement Q3 Results: इंडिया सीमेंट और केसोराम के मर्जर का दिखा असर, मुनाफा 27% उछला

आदित्य बिड़ला ग्रुप की इस प्रमुख कंपनी ने शनिवार को बताया कि दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 1,729.44 करोड़ रुपये रहा

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- January 24, 2026 | 5:30 PM IST

देश की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी अल्ट्राटेक ने दिसंबर तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। आदित्य बिड़ला ग्रुप की इस प्रमुख कंपनी ने शनिवार को बताया कि दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 1,729.44 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की इसी तिमाही में ये आंकड़ा 1,363.44 करोड़ रुपये था, यानी इस बार मुनाफे में करीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में ये जानकारी दी। ऑपरेशंस से होने वाली कमाई भी 21,829.68 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो पिछले साल के 17,778.83 करोड़ रुपये से काफी ज्यादा है। कुल मिलाकर अन्य आय को जोड़कर टोटल इनकम 21,965.26 करोड़ रुपये हो गई।

कंपनी ने साफ किया कि इस बार के नतीजे पिछले साल से सीधे तुलना के लायक नहीं हैं, क्योंकि बीच में कई बड़े बदलाव हुए। जैसे, इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड का अधिग्रहण, बिरला व्हाइट वॉलकेयर (जिसे पहले वंडर वॉलकेयर कहा जाता था) और UAE की रास अल खैमाह स्थित RAKWCT का शामिल होना। इसके अलावा, केसोराम इंडस्ट्रीज के सीमेंट बिजनेस का अल्ट्राटेक में मर्जर भी 1 मार्च 2025 से लागू हो गया। इन सब वजहों से कंपनी की तस्वीर काफी बदल गई है।

बिक्री और उत्पादन में तेज उछाल

अल्ट्राटेक के सेल्स वॉल्यूम में 15 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई, जो 33.85 मिलियन टन तक पहुंच गया। घरेलू ग्रे सीमेंट का उत्पादन भी 36.37 मिलियन टन रहा, जिसमें सालाना आधार पर 15.4 फीसदी का इजाफा हुआ। कंपनी ने बताया कि अगर इंडिया सीमेंट्स और केसोराम के वॉल्यूम को अलग रखें, तो घरेलू ग्रे सीमेंट मार्केट में 29.4 फीसदी की ग्रोथ हासिल हुई। ये इसलिए क्योंकि ये कंपनियां पूरे पिछले पीरियड में अल्ट्राटेक का हिस्सा नहीं थीं।

कैपेसिटी यूटीलाइजेशन की बात करें तो ये 77 फीसदी रहा, जो पिछले साल के 72 फीसदी से 5 फीसदी ज्यादा है। कंपनी के बयान में कहा गया कि अल्ट्राटेक हर तिमाही मजबूत प्रदर्शन दे रही है। रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) की बिक्री भी 26 फीसदी बढ़कर 1,848 करोड़ रुपये हो गई, जो कुल सीमेंट वॉल्यूम का 3 फीसदी हिस्सा है। EBITDA प्रति मीट्रिक टन 1,051 रुपये पहुंच गया, जिसमें सालाना आधार पर 140 रुपये और पिछली तिमाही से 97 रुपये की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, सेल्स रियलाइजेशन में थोड़ी गिरावट आई, सालाना 0.4 फीसदी और तिमाही आधार पर 3.3 फीसदी।

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इंडिया सीमेंट्स पर कंपनी ने अपडेट दिया, जो दक्षिण भारत की एक प्रमुख सीमेंट कंपनी है और पिछले साल अधिग्रहित की गई थी। ये अब रिकवरी के रास्ते पर है, और इस तिमाही में इसकी सेल्स वॉल्यूम 2.59 मिलियन टन रही, जो पिछले साल से 25 फीसदी ज्यादा। अल्ट्राटेक ने कहा कि दक्षता और उत्पादकता में सुधार, कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान्स की पूरा होना और ब्रांड को अल्ट्राटेक में बदलना, इन सब से ये कंपनी जल्द ही मुनाफा देने लगेगी, जो होल्डिंग कंपनी के स्तर पर होगा।

विस्तार और भविष्य की योजनाएं

कैपेसिटी बढ़ाने के मोर्चे पर अल्ट्राटेक ने तेजी दिखाई। तिमाही के दौरान महाराष्ट्र के धुले सीमेंट वर्क्स में 0.6 मिलियन टन प्रति वर्ष की ग्राइंडिंग यूनिट शुरू की गई, और राजस्थान के नाथद्वारा सीमेंट वर्क्स में 1.2 मिलियन टन प्रति वर्ष की इंटीग्रेटेड यूनिट चालू हुई। इनसे घरेलू ग्रे सीमेंट कैपेसिटी 148.66 मिलियन टन प्रति वर्ष हो गई। UAE में 5.4 मिलियन टन की कैपेसिटी जोड़कर ग्लोबल स्तर पर कुल 194.06 मिलियन टन पहुंच गई।

कंपनी ने अपनी चल रही कैपेक्स प्रोग्राम पर 2,357 करोड़ रुपये खर्च किए। इससे नेट डेब्ट/EBITDA रेशियो 1.08x पर आ गया, जो ऑपरेटिंग कैश फ्लो की मजबूती दिखाता है। केबल्स और वायर्स बिजनेस में कदम रखने की योजना भी सही ट्रैक पर है। कंपनी ने बताया कि महत्वपूर्ण ऑर्डर प्लेस हो चुके हैं, प्रोजेक्ट साइट पर सिविल वर्क चल रहा है, और टीम तैयार हो रही है। अल्ट्राटेक को भरोसा है कि Q3 FY27 तक लॉन्च की डेडलाइन पूरी हो जाएगी।

First Published : January 24, 2026 | 5:30 PM IST