प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
कई यूरोपीय एयरलाइंस ने मिडिल ईस्ट के देशों में और ऊपर से उड़ानें रोक दी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से फारस की खाड़ी इलाके में बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर फ्रांस ने शुक्रवार और शनिवार को पेरिस से दुबई की अपनी फ्लाइट्स रद्द कर दीं। कंपनी ने कहा कि मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति के कारण दुबई की सेवा को फिलहाल रोकना पड़ रहा है।
केएलएम ने भी दुबई, सऊदी अरब के रियाद और दम्माम, साथ ही तेल अवीव की उड़ानें अनिश्चितकाल के लिए रोक दी हैं। कंपनी ने सावधानी के तौर पर ईरान, इराक, इजरायल और कई खाड़ी देशों के ऊपर के एयरस्पेस से बचने का फैसला किया है।
इसके अलावा लक्जमबर्ग की लक्जेयर, ब्रिटिश एयरवेज और डच लो-कॉस्ट कैरियर ट्रांसएविया की भी दुबई जाने वाली कई फ्लाइट्स वीकेंड पर कैंसल हो गईं। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट की वेबसाइट और फ्लाइटराडार24 के डेटा से ये बात सामने आई है।
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जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा ने तेहरान की अपनी सभी उड़ानें 28 मार्च तक रद्द कर दी हैं। साथ ही तेल अवीव और जॉर्डन के अम्मान के रूट पर महीने के अंत तक सिर्फ दिन की उड़ानें ही चलाएगी।
ब्रिटिश एयरवेज ने इस महीने की शुरुआत में ही बहरीन की फ्लाइट्स को अस्थायी रूप से रोक दिया था, जहां अमेरिकी नेवी का फिफ्थ फ्लीट बेस है।
ये सब फैसले इसलिए आए क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने मिडिल ईस्ट में नौसैनिक ताकत भेज दी है। ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई को लेकर ट्रंप की तरफ से ईरान पर हमले की धमकी के बाद चिंताएं बढ़ गई हैं।
पिछले साल जून में भी ईरान ने कतर में एक बेस पर मिसाइल दागी थी, जिसके बाद कतर और आसपास के देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था। उस वक्त भी कई यूरोपीय और अमेरिकी एयरलाइंस को उड़ानें रोकनी पड़ी थीं। अभी स्थिति तेजी से बदल रही है और ये फैसले सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिए गए हैं।