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India-EU 6G Collaboration: तकनीक और विनिर्माण के मेल से संचार क्रांति को मिलेगी नई रफ्तार

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भारत-ईयू एफटीए के तहत 6जी स्मार्ट नेटवर्क्स के विकास हेतु रणनीतिक समझौता किया गया है जिससे सुरक्षित डिजिटल ढांचे के निर्माण और किफायती संचार सेवाओं के विस्तार को गति दी जाएगी

Last Updated- January 27, 2026 | 10:46 PM IST
India-EU 6G collaboration
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

यूरोपीय संघ के साथ एफटीए के तहत सोमवार को 6जी स्मार्ट नेटवर्क्स ऐंड सर्विसेज इंडस्ट्री एसोसिएशन के साथ हुए समझौते से देश के भारत 6जी एलायंस को गति मिलेगी। उद्योग के जानकारों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच इस करार से न केवल अधिक सुरक्षित डिजिटल ढांचा विकसित होगा, बल्कि कम लागत में तेजी से विश्वसनीय संचार प्रणालियों का विस्तार होगा।

नीदरलैंड स्थित टेलीकॉम उपकरण विनिर्माता जीएक्स ग्रुप के सीईओ पारितोष प्रजापति ने कहा, ‘भारत-ईयू के बीच हुए एफटीए से दो समान ताकतें एक मंच पर आ गई हैं। भारत विस्तार, गति और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती देगा जबकि यूरोप उन्नत डिजाइन क्षमता, टेक्नॉलजी सहयोग, मानकों के अनुरूप व्यवस्था और संभावित बाजारों तक पहुंच बनाने में योगदान देगा। यह समझौता 6जी सहयोग के लिए व्यापक रास्ता तैयार करेगा, जिससे यूरोपीय अनुसंधान नेतृत्व और भारत की बड़े पैमाने पर औद्योगीकरण करने की क्षमता में तालमेल कायम करने में मदद मिलेगी।’

उन्होंने यह भी कहा, ‘इसका प्रभाव तेज नवाचार, कम लागत, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक मानकों के अनुरूप संयुक्त नेतृत्व के रूप में देखने को मिलेगा, जिससे यह साझेदारी व्यापार मात्रा को आगे बढ़ाकर दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए दीर्घावधि में औद्योगिक विकास की राह खोलता है।

इस एफटीए के तहत दोनों पक्ष वर्ष 2030 के लिए लक्षित भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापक रणनीतिक एजेंडे के अनुरूप सार्वभौमिक, अर्थपूर्ण, मजबूत और सुरक्षित डिजिटल ढांचा विकसित करने के साथ एक भरोसेमंद संचार व्यवस्था के लिए सहयोग करना चाहते हैं। वर्ष 2023 में लॉन्च भारत 6जी एलायंस का उद्देश्य देश को किफायती 5जी और 6जी तथा भविष्य की अन्य संचार सेवाओं के लिए बौद्धिक संपत्ति, उत्पाद और समाधान क्षेत्र में अग्रणी आपूर्तिकर्ता बनाना है।

6जी में भारत को अग्रणी बनाने के लिए रणनीतिक नींव तैयार करने वाले इस एलायंस से शिक्षा, उद्योग, स्टार्टअप और सरकारी संस्थान जुड़े हैं। इसका उद्देश्य भारत में एक व्यापक एवं भविष्य के लिहाज से 6जी तंत्र विकसित करना भी है, जिसमें अनुसंधान और विकास, नवाचार तथा मानकीकरण पर अधिक जोर दिया गया है।

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First Published - January 27, 2026 | 10:46 PM IST

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