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संसद का बजट सत्र कल से: कामकाज का समय तो बढ़ा, पर विधायी चर्चा और बिलों की संख्या में आई कमी

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विधायी डेटा के अनुसार पिछले वर्षों की तुलना में 2025 में बजट सत्र के दौरान कम बिल पेश किए गए और पारित होने वाले कानूनों की संख्या भी कम ही रही

Last Updated- January 27, 2026 | 11:09 PM IST
Union Budget 2026
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हो रहा है। इसमें आने वाले हफ्तों में केंद्रीय बजट विधायी कामकाज का मुख्य आधार होगा। यह सत्र बजट घोषणाओं के अलावा सरकारी व्यय की जांच एवं प्रस्तावित कानूनों पर बहस का महत्त्वपूर्ण मंच है। पिछले सत्र में सांसदों के बैठने का समय तो बढ़ा है लेकिन व्यय और विधायी कार्य पर कम चर्चा अभी भी चिंता के विषय बने हुए हैं। विधायी डेटा के अनुसार पिछले वर्षों की तुलना में 2025 में बजट सत्र के दौरान कम बिल पेश किए गए और पारित होने वाले कानूनों की संख्या भी कम ही रही।

पिछले कुछ वर्षों में 2023 को छोड़ दें तो लोक सभा और राज्य सभा दोनों ने बजट सत्रों के दौरान अपने निर्धारित समय से अधिक काम किया है। लोक सभा में बेहतर कामकाज के बावजूद सरकारी व्यय पर चर्चा बजट आकार के हिसाब से कम ही रहती है। वर्षों से देखा जा रहा है कि कुल व्यय के 15 प्रतिशत से भी कम पर ही संसद में बहस होती है और कुछ साल तो इस पर बिल्कुल भी चर्चा नहीं हुई। यहां तक कि 2024 और 2025 में भी केवल लगभग 10 प्रतिशत व्यय मूल्य पर ही चर्चा हो पाई।

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First Published - January 27, 2026 | 11:09 PM IST

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