बेहतर अवसरों के बावजूद भारत में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी कम
पूरी दुनिया जब 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रही है, तो सभी आर्थिक संकेतक इस बात के गवाह हैं कि भारत में महिलाओं के लिए काम के अवसर पहले के मुकाबले बहुत बेहतर हुए हैं। हालांकि कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी और उपलब्ध नौकरियों की गुणवत्ता में बड़ा अंतर बना हुआ है। विभिन्न […]
GDP की गिनती का नया फॉर्मूला, क्या बदलेगी देश की असली ग्रोथ स्टोरी?
सरकार ने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और संबंधित आंकड़ों को मापने के लिए नए तरीके अपनाए हैं। पहले की एकल मूल्य सूचकांक (डिफ्लेटर) पद्धति से जुड़ी आलोचनाओं के बाद यह कदम उठाया गया है क्योंकि इससे उत्पादन और खर्च के आंकड़ों में फर्क आ रहा था। यह बदलाव सिर्फ आधार वर्ष को 2011-12 से 2022-23 […]
संसद का बजट सत्र कल से: कामकाज का समय तो बढ़ा, पर विधायी चर्चा और बिलों की संख्या में आई कमी
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हो रहा है। इसमें आने वाले हफ्तों में केंद्रीय बजट विधायी कामकाज का मुख्य आधार होगा। यह सत्र बजट घोषणाओं के अलावा सरकारी व्यय की जांच एवं प्रस्तावित कानूनों पर बहस का महत्त्वपूर्ण मंच है। पिछले सत्र में सांसदों के बैठने का समय तो बढ़ा है लेकिन […]
Startup India के 10 साल: भारत का स्टार्टअप तंत्र अब भी खपत आधारित बना हुआ, आंकड़ों ने खोली सच्चाई
स्टार्टअप इंडिया पहल का 16 जनवरी को एक दशक पूरा हो गया है। इस उद्यम आधारित पहल के प्रति जागरूकता, प्रोत्साहन और विकास के मद्देनजर देश में हर वर्ष इस दिन को नैशनल स्टार्टअप डे के रूप में मनाया जाता है। दस साल के इस सफर को देखें तो प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के मोर्चे पर […]
दुनिया का सबसे ज्यादा फंड पाने वाला देश, फिर भी भारत के 5 शहर सबसे प्रदूषित
सरकार दशक भर से तमाम तरह की कोशिशें कर रही है मगर राष्ट्रीय राजधानी में हवा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है। शहरों को पीएम2.5 में कमी लाने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से 2019 में नैशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनकैप) शुरू किया गया, लेकिन उसका भी खास असर नहीं दिख रहा क्योंकि इस […]
दम घोंटती हवा में सांस लेती दिल्ली, प्रदूषण के आंकड़े WHO सीमा से 30 गुना ज्यादा; लोगों ने उठाए सवाल
राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के खिलाफ बीते रविवार को सैकड़ों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। पिछले तीन हफ्तों के दौरान इस महानगर का वायु गुणवत्ता सूचकांक आधिकारिक तौर पर 300 और 400 के बीच रहा है, जो यह पहले ही पीएम2.5 प्रदूषक कणों के मामले में विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से […]
छत्तीसगढ़ के ढाई दशक: राज्य जिसने सोने जैसी मिट्टी पाई, पर अब भी अमीरी-गरीबी की खाई नहीं पाट सका
मध्य प्रदेश से अलग होकर बना छत्तीसगढ़ एक खनिज-समृद्ध प्रदेश है लेकिन सामाजिक रूप से काफी पिछड़ा है। इसे मध्य प्रदेश से अलग कर नया प्रदेश बनाने की मांग लंबे समय से चली आ रही थी। अंतत: मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के माध्यम से तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने […]
देश में आत्महत्या से दिहाड़ी मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित, 5 साल में 45% बढ़े मामले
देश में आत्महत्या के मामलों में दिहाड़ी मजदूरों की तादाद सबसे अधिक दर्ज की जा रही है। साल 2023 में दिहाड़ी मजदूरों ने सबसे अधिक आत्महत्या की। जानकारों का कहना है कि दिहाड़ी मजदूरों को कम वेतन, काम में अस्थिरता और बिना किसी सुरक्षा कवच के एक अनिश्चित वास्तविकता से जूझना पड़ता है। साल 2023 […]
पूरब से पश्चिम तक बढ़ रहा कोचिंग का क्रेज
धीमी गति से सीखने वाले विद्यार्थियों की सहायता के लिए निजी ट्यूशन अथवा कोचिंग अब स्कूली शिक्षा की समानांतर प्रणाली में तब्दील हो गई है। अब परिवार भी अपने बच्चों पर शैक्षणिक और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए दबाव डाल रहे हैं। एक चौंकाने वाला आंकड़ा है कि 6 से 11 वर्ष की आयु […]
Nepal: सुशीला के समक्ष कई चुनौतियां; भ्रष्टाचार खत्म करना होगा, अर्थव्यवस्था मजबूत करनी होगी
नेपाल के युवाओं के नेतृत्व में हफ्तों तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद पिछली सरकार सत्ता से बेदखल हो गई और नई सरकार के सत्तासीन होते ही नेपाल में नए राजनीतिक दौर की शुरुआत हो गई। देश की आर्थिक स्थिति के विरोध में शुरू हुआ यह प्रदर्शन सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगने के बाद और उग्र […]









