Stock Market Closing Bell, February 3, 2026:एशियाई बाजारों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार (3 फरवरी) को जोरदार तेजी के साथ बंद हुए। अमेरिका और भारत के बीच लंबे समय से अटकी हुई ट्रेड ट्रीड की घोषणा से बाजार झूम उठा। इससे बाजार में बड़े पैमाने पर खरीदारी देखी गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत बैंकिंग और अदाणी स्टॉक्स में जोरदार उछाल से बाजार को सपोर्ट मिला। इसके अलावा रुपये में मजबूती और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने भी बाजार को सपोर्ट दिया। इसी के साथ बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी-50 और सेंसेक्स पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में करीब 3.5 प्रतिशत चढ़ गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत के साथ बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील का एलान कर दिया। इस समझौते के तहत भारतीय सामानों पर लगाया जाने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी के
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 4000 अंक से ज्यादा बढ़त के साथ 85,323 अंक पर खुला और खुलते ही इसमें और बढ़त देखी गई। हालांकि, बाद में इंडेक्स जोरदार तेजी के साथ एक सिमित दायरे में कारोबार रहा। अंत में 2072.67 अंक या 2.54 प्रतिशत बढ़कर 83,739.13 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी 4 प्रतिशत उछलकर 26,308 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान ज्यादातर समय यह लगभग 700 अंक की बढ़त लेकर ट्रेड करता रहा। अंत में 639.15 अंक या 2.55 फीसदी की मजबूती के साथ 25,727.55 पर बंद हुआ।
जियोजित इंवेस्टमेंट्स लिमिटेड में रिसर्स हेड विनोद नायर ने कहा, ”भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। इसकी बड़ी वजह लंबे समय से इंतजार की जा रही भारत-अमेरिका ट्रेड डील और रुपये में मजबूती रही, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशकों की वापसी की उम्मीदें बढ़ीं। अमेरिका के भारतीय सामानों पर टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने से उभरते बाजारों के बीच भारत की प्रतिस्पर्धी स्थिति मजबूत हुई है। इससे उन निर्यात-आधारित क्षेत्रों के लिए माहौल बेहतर हुआ है, जिनकी अमेरिका में अच्छी मौजूदगी है, जैसे कपड़ा, सी फूड्स, रत्न एवं आभूषण और फार्मा। इन क्षेत्रों को 2026 के केंद्रीय बजट में भी समर्थन मिला है।”
उन्होंने कहा, ”कुल मिलाकर बाजार की धारणा अब साफ तौर पर सकारात्मक हो गई है। वैश्विक व्यापार से जुड़े जोखिम कम हुए हैं और अमेरिका-ईरान तनाव में भी नरमी आई है। आगे चलकर बाजार का फोकस तीसरी तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों पर रह सकता है, हालांकि अब तक नतीजे अनुमान से कमजोर रहे हैं। लेकिन टैरिफ जोखिम कम होने के चलते आगे चलकर कमाई के अनुमानों में सुधार की उम्मीद है, जिससे बाजार में सकारात्मक रुख बना रह सकता है।”
सेंसेक्स की कंपनियों में अदाणी पोर्ट्स सबसे ज्यादा 9 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। बजाज फाइनेंस, इंडिगो, पावरग्रिड सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, एसबीआई, रिलायंस, एलएंडटी एक्सिस बैंक और टाइटन प्रमुख रूप से लाभे में रहे। दूसरी तरफ, सिर्फ टेक महिंद्रा और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर लाल निशान में रहे।
सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। इनमें सबसे आगे निफ्टी रियल्टी इंडेक्स रहा, जो 4 प्रतिशत से ज्यादा उछला। निफ्टी केमिकल, फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में भी 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। ब्रोडर मार्केटस में भी यही सकारात्मक रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2.84 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत के साथ बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते का एलान कर दिया। इस समझौते के तहत भारतीय सामानों पर लगाया जाने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
इस फैसले से कई प्रमुख सेक्टरों को फायदा हो सकता है। इनमें टेक्सटाइल और परिधान, ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग, स्पेशलिटी केमिकल्स, कृषि और सीफूड निर्यात तथा अमेरिका में मौजूदगी रखने वाले चुनिंदा इलेक्ट्रॉनिक्स और कंज्यूमर मैन्युफैक्चरर्स शामिल हैं।
ट्रेड डील की घोषणा के बाद बाजार में आई जोरदार तेजी से निवेशकों की वेल्थ में जोरदार इजाफा हुआ है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप बढ़कर 4,67,10,197 करोड़ रुपये हो गया। जबकि सोमवार को बाजार बंद होने के बाद यह 45,435,628 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह, निवेशकों की वेल्थ में 12,74,569 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।
वैश्विक स्तर पर एशियाई शेयर बाजारों में भी तेजी देखने को मिली। चीन का CSI 300 इंडेक्स 0.51 प्रतिशत चढ़ा, हांगकांग का हैंग सेंग 0.78 प्रतिशत ऊपर रहा, जापान का निक्केई 3.09 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5.3 प्रतिशत बढ़ा। अमेरिकी बाजारों में वॉल स्ट्रीट के शेयर बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए। S&P 500 में 0.54 प्रतिशत, नैस्डैक में 0.56 प्रतिशत और डाउ जोंस में 1.05 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट के अनुसार, अमेरिका का मैन्युफैक्चरिंग परचेज़िंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) जनवरी में बढ़कर 52.6 पर पहुंच गया। पिछले 12 महीनों में यह पहली बार है जब PMI 50 के ऊपर गया है। अगस्त 2022 के बाद यह इसका सबसे ऊंचा स्तर है, जो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़ोतरी का संकेत देता है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अमेरिकी अर्थव्यवस्था का 10.1 प्रतिशत हिस्सा है।
कमोडिटी बाजार में निवेशक हाल की अस्थिरता के बाद सोने और चांदी की कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं। स्पॉट गोल्ड करीब 2.22 प्रतिशत बढ़कर 4,769.33 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी में करीब 3.81 प्रतिशत की तेजी आई और यह 82.39 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।