Stock Market Updates, February 3, 2026: एशियाई बाजारों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार (3 फरवरी) को तूफानी तेजी के साथ खुले। अमेरिका और भारत के बीच लंबे समय से अटकी हुई ट्रेड ट्रीड की घोषणा से बाजार झूम उठा। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत के साथ बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते का एलान कर दिया। इस समझौते के तहत भारतीय सामानों पर लगाया जाने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) शानदार बढ़त के साथ 85,323 अंक पर खुला और खुलते ही इसमें और बढ़त देखी गई। सुबह 9:22 बजे यह 2492.06 अंक या 3.05 फीसदी बढ़कर 84,158.52 पर कारोबार कर रहा था।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) जोरदार तेजी के साथ 26,308 अंक पर खुला। सुबह 9:23 बजे यह 760.70 अंक या 3.03 प्रतिशत के उछाल के साथ 25,849.10 पर ट्रेड कर रहा था।
पॉल एसेट में इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट और 129 वेल्थ फंड में फंड मैनेजर प्रसेनजीत पॉल ने कहा, ”भारत-अमेरिका के ऐतिहासिक व्यापार समझौते ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर बनी अनिश्चितता को खत्म कर दिया है। इससे वैश्विक निवेशकों की धारणा में स्पष्ट बदलाव आया है। टैरिफ बढ़ने की आशंका के कारण जिन विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में निवेश रोक रखा था, उनके लिए अब माहौल फिर से सकारात्मक हो गया है।”
उन्होंने कहा कि डील का सबसे अधिक फायदा आईटी सर्विसेज, कपड़ा और ऑटो पार्ट्स जैसे निर्यात-आधारित सेक्टर को मिलेगा, जो पहले अधिक शुल्क के लिए तैयार हो रहे थे।
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत के साथ बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते का एलान कर दिया। इस समझौते के तहत भारतीय सामानों पर लगाया जाने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
इस फैसले से कई प्रमुख सेक्टरों को फायदा हो सकता है। इनमें टेक्सटाइल और परिधान, ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग, स्पेशलिटी केमिकल्स, कृषि और सीफूड निर्यात तथा अमेरिका में मौजूदगी रखने वाले चुनिंदा इलेक्ट्रॉनिक्स और कंज्यूमर मैन्युफैक्चरर्स शामिल हैं।
ट्रेड डील की घोषणा के बाद बाजार में आई जोरदार तेजी से निवेशकों की वेल्थ में जोरदार इजाफा हुआ है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप बढ़कर 4,66,96,845 करोड़ रुपये हो गया। जबकि सोमवार को बाजार बंद होने के बाद यह 45,435,628 लाख करोड़ रुपये था।
वैश्विक स्तर पर एशियाई शेयर बाजारों में भी तेजी देखने को मिली। चीन का CSI 300 इंडेक्स 0.51 प्रतिशत चढ़ा, हांगकांग का हैंग सेंग 0.78 प्रतिशत ऊपर रहा, जापान का निक्केई 3.09 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5.3 प्रतिशत बढ़ा। अमेरिकी बाजारों में वॉल स्ट्रीट के शेयर बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए। S&P 500 में 0.54 प्रतिशत, नैस्डैक में 0.56 प्रतिशत और डाउ जोंस में 1.05 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट के अनुसार, अमेरिका का मैन्युफैक्चरिंग परचेज़िंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) जनवरी में बढ़कर 52.6 पर पहुंच गया। पिछले 12 महीनों में यह पहली बार है जब PMI 50 के ऊपर गया है। अगस्त 2022 के बाद यह इसका सबसे ऊंचा स्तर है, जो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़ोतरी का संकेत देता है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अमेरिकी अर्थव्यवस्था का 10.1 प्रतिशत हिस्सा है।
कमोडिटी बाजार में निवेशक हाल की अस्थिरता के बाद सोने और चांदी की कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं। स्पॉट गोल्ड करीब 2.22 प्रतिशत बढ़कर 4,769.33 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी में करीब 3.81 प्रतिशत की तेजी आई और यह 82.39 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।