घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को शानदार तेजी आई। बेंचमार्क सूचकांकों में छह वर्षों में बजट के दिन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज करने के एक दिन बाद अच्छी खरीदारी देखने को मिली। सेंसेक्स 944 अंक या 1.2 प्रतिशत बढ़कर 81,667 पर बंद हुआ। निफ्टी 263 अंक या 1.06 प्रतिशत बढ़ा और 25,088 पर टिका। दोनों सूचकांकों ने 26 नवंबर के बाद एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त और फरवरी 2022 के बाद बजट के अगले दिन का सबसे मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया।
बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 4.4 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 455 लाख करोड़ रुपये हो गया। एक दिन पहले बाजार में 9.4 लाख करोड़ रुपये का सफाया हो गया था।
घरेलू शेयरों में यह तेजी ऐसे समय आई है जब वैश्विक बाजारों में बिकवाली हुई। बिकवाली की वजह आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े मूल्यांकन और कीमती धातुओं में भारी उतार-चढ़ाव को लेकर बाजारों की चिंता है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि भारत ने हाल में एआई और कमोडिटीज-संचालित वैश्विक तेजी के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया है। ऐसे में वैश्विक जोखिम गहराया तो वह विपरीत दांव के रूप में उभर सकता है।
बड़े शेयरों ने बाजार की तेजी में योगदान दिया। रिलायंस इंडस्ट्रीज, लार्सन ऐंड टुब्रो और आईसीआईसीआई बैंक के चढ़ने से सेंसेक्स में तेजी आई। रिलायंस इंडस्ट्रीज 3.3 प्रतिशत उछल गया। बजट के दिन 3.6 प्रतिशत फिसलने के बाद सूचकांक की बढ़त में सबसे बड़ा योगदानकर्ता बनकर उभरा।
आईसीआईसीआई बैंक 1.4 प्रतिशत बढ़ा और उसने दूसरा सबसे बड़ा योगदान दिया। हालांकि यह शेयर पिछले दो सत्रों में 2.3 प्रतिशत गिर गया था। बजट में सरकार के पूंजीगत खर्च को बढ़ावा दिए जाने के प्रयासों से लार्सन ऐंड टुब्रो के शेयरों में तेजी आई।
बीएनपी पारिबा के निदेशक (इंडिया इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट के प्रमुख) कुणाल वोरा ने कहा, ‘हम बजट को भारतीय अर्थव्यवस्था-केंद्रित शेयरों के लिए सकारात्मक मान रहे हैं, जो 2026 के लिए हमारी पसंदीदा थीम है। हम पहले से ही खपत (ऑटो, स्टेपल्स, कंज्यूमर इंटरनेट) को पसंद करते हैं, बजट पूंजीगत खर्च के लिए भी मददगार है।’
विश्लेषकों का कहना है कि बजट में प्रमुख सकारात्मक बात बुनियादी ढांचे और विनिर्माण को प्राथमिकता देना और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने पर जोर है।
मैक्वेरी के प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख (फाइनैंशियल सर्विसेज रिसर्च) सुरेश गणपति ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2027 के लिए बजट अपने राजकोषीय घाटे को दुरुस्त करने की राह पर टिका रहा। इसमें वित्त वर्ष 2027बीई (बजट अनुमान) का राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत और ऋण-जीडीपी अनुपात 55.6 प्रतिशत पर आंका गया है, जो वित्त वर्ष 2026आरई (संशोधित अनुमान) से क्रमशः 10 आधार अंक और 50 आधार अंक कम है। इस वजह से सभी लक्ष्य विश्वसनीय और प्राप्त करने योग्य लगते हैं।’
एसटीटी बढ़ाए जाने के ऐलान पर रविवार को बाजारों में 2 फीसदी तक की गिरावट आई थी।