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सरकारी उधारी बढ़ी तो बॉन्ड यील्ड उछली, RBI के हस्तक्षेप से रुपया संभला

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भारतीय रिजर्व बैंक के डॉलर बिक्री करने से रुपया सोमवार को शुरुआती नुकसान से उबरकर एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त दर्ज करने में कामयाब रहा

Last Updated- February 02, 2026 | 9:49 PM IST
bond yield

केंद्र सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2027 के लिए 17.2 लाख करोड़ रुपये की उम्मीद से अधिक सकल उधारी की घोषणा के बाद सोमवार को सरकारी बॉन्ड यील्ड में उछाल आई। दूसरी ओर, डीलरों ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से सरकारी बैंकों द्वारा डॉलर बिक्री करने से रुपये में लगभग आधा प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

नोमूरा ने एक रिपोर्ट में कहा कि उम्मीद से अधिक उधारी का मतलब है हर सप्ताह 37,000 करोड़ रुपये की सकल आपूर्ति। अगर वर्ष के दौरान 47 नीलामी मानें तो यह हर हफ्ते 31,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी। बेंचमार्क 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड पर यील्ड 7 आधार अंक बढ़कर 6.77 प्रतिशत पर स्थिर हो गई। यह एक वर्ष में सबसे अधिक है।

भारतीय रिजर्व बैंक के डॉलर बिक्री करने से रुपया सोमवार को शुरुआती नुकसान से उबरकर एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त दर्ज करने में कामयाब रहा। डीलरों ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने बजट के बाद अस्थिरता रोकने के लिए हस्तक्षेप किया। स्थानीय मुद्रा पिछले 91.99 प्रति डॉलर के मुकाबले 91.52 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई।

बाजार के कारोबारियों ने कहा कि आरबीआई ने विदेशी मुद्रा बाजार इसका असर रोकने के लिए मिड-टेनर बाय/सेल स्वैप किए। आईएफए ग्लोबल के संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी अभिषेक गोयनका ने कहा, ‘वर्ष के लिए सरकारी उधार की घोषणा रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर है, इससे बॉन्ड यील्ड अधिक हो गई। हालांकि, आरबीआई के स्वैप संचालन ने रुपये की तरलता कम करने में मदद की और विदेशी मुद्रा बाजार में इसका असर होने से रोका।’

कारोबारी अहम संकेतों के लिए अब शुक्रवार को होने वाली मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं।

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First Published - February 2, 2026 | 9:49 PM IST

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