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अगले पांच साल जारी रहेगी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, 11,608 करोड़ रुपये की राशि मंजूर

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मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को अगले 5 साल तक जारी रखने के लिए 11,608 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

Last Updated- May 20, 2026 | 7:57 PM IST
Rural Economy boom
Representative image

PMFBY Scheme: मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को आगामी पांच सालों तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। मध्य प्रदेश की कैबिनेट ने बुधवार को हुई बैठक में यह निर्णय लेते हुए योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 11,608.47 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की। इस योजना का संचालन प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली फसल क्षति पर किसानों को सहायता देने के लिए किया जाता है।

वर्ष 2023-24 में इस योजना के तहत 35.18 लाख आवेदनों पर 961.68 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था जबकि 2024-25 में 35.56 लाख किसानों के आवेदन पर 275.86 करोड़ रुपये दिए गए थे।

प्रदेश के किसानों को इस योजना का लाभ 2016 से मिल रहा है। योजना में भागीदार किसानों को खरीफ में बीमित राशि का 2 फीसदी, रबी में 1.5 फीसदी तक अधिकतम प्रीमियम चुकाना होता है। किसानों द्वारा देय प्रीमियम और बीमांकित प्रीमियम की दर के अंतर को सामान्य प्रीमियम सब्स‍िडी की दर माना जाता है। इसकी भागीदारी केन्द्र और राज्य द्वारा बराबर वहन की जाती है।

केन्द्र सरकार द्वारा सिंचित और असिंचित जिलों की फसलों में केन्द्र सरकार की प्रीमियम सब्स‍िडी की सीलिंग क्रमश: 25 प्रतिशत और 30 प्रतिशत की सीमा तक रखी गई है। यदि इस सीलिंग के अधिक दरें प्राप्त होती हैं तो अतिरिक्त भार राज्य शासन वहन करता है। मध्यप्रदेश में क्षतिपूर्त‍ि स्तर का 80 प्रतिशत निर्धारित है। आगामी वर्षो में भी सभी फसलों के लिये क्षतिपूर्त‍ि का स्तर 80 प्रतिशत रखा गया है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन प्रदेश के जिलों में 11 क्लस्टर्स में किया जा रहा है। प्रत्येक क्लस्टर के लिये बीमा कंपनियों का चयन निविदा के माध्यम से किया गया है। वहीं फसल उपज का आंकलन सैटेलाइट आधारित रिमोट सेसिंग तकनीक से किया जा रहा है। इसके लिये कृषि विभाग द्वारा नेशनल रिमोट सेसिंग केन्द्र (इसरो), मध्यप्रदेश काउसिंल ऑफ साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी, मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रानिक्स कार्पोरेशन से समझौता किया गया है।

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First Published - May 20, 2026 | 7:57 PM IST

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