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Railway Budget 2026: रेलवे को मिले ₹2.92 लाख करोड़, बनेंगे 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर

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रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने हेतु बजट में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है

Last Updated- February 02, 2026 | 7:05 AM IST
Railway
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

रेलवे में बुनियादी ढांचा विकास पर ध्यान देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 में इस क्षेत्र के लिए 2.92  लाख करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की। यह वित्त वर्ष 2025-26 के 2.65 लाख करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से 10 प्रतिशत अधिक है।

भारतीय रेल को सरकार से बजटीय समर्थन के रूप में अपने पूंजीगत व्यय में भी वृद्धि मिलेगी। यह वित्त वर्ष 2027 में 2.77 लाख करोड़ रुपये होगा, जो वित्त वर्ष 2026 के 2.52 लाख करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से 9.9 प्रतिशत अधिक है।

बजट दस्तावेज से पता चलता है कि आंतरिक एवं बाह्य बजटीय संसाधन (आईबीआर) से रेलवे का अपना निवेश अगले वित्त वर्ष में बढ़कर 15,000 करोड़ रुपये हो जाएगा जबकि वर्ष वित्त वर्ष 2026 का संशोधित अनुमान 13,000 करोड़ रुपये था।

राजस्व के मोर्चे पर, रेलवे वर्ष 2026-27 में 3.02 लाख करोड़ रुपये के कुल यातायात आय (जीटीआर) का बजट बना रहा है। यह वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान 2.78 लाख करोड़ रुपये से 8.4 प्रतिशत अधिक है। रेल मंत्रालय ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए 3.02 लाख करोड़ रुपये के जीटीआर के समान योजना बनाई थी, लेकिन इसके लक्ष्य से 23,000 करोड़ रुपये कम रहने की संभावना है।  कुल यात्री राजस्व में 9 प्रतिशत की वृद्धि देखी जा रही है और इसके मौजूदा वित्तीय वर्ष के 80,000 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 में 87,300 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

कुल मिलाकर, भारतीय रेलवे अगले वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए 98.4 प्रतिशत के परिचालन अनुपात का बजट बना रहा है, जबकि वर्ष 2025-26 में यह संशोधित अनुपात 98.82 प्रतिशत था। इसका मतलब है कि रेलवे का लक्ष्य वर्ष 2026-27 में प्रत्येक 100 रुपये की कमाई पर 98.4 रुपये खर्च करना है।

निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, ‘पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ यात्री प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए हम शहरों के बीच सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर तैयार करेंगे जो ‘वृद्धि कनेक्टर्स’ के रूप में काम करेंगे। इनके नाम हैं, मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलूरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलूरु, दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी।’

वित्त मंत्री ने पहले पूर्व भारत के डानकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का भी प्रस्ताव रखा और इसे पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ माल ढुलाई की रणनीति का हिस्सा बताया। हालांकि नए फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की गई, लेकिन डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसीआईएल) के लिए आवंटन 2025-26 के संशोधित अनुमान में 4,370 करोड़ रुपये से घटकर 2026-27 में 500 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। नैशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन  के लिए परिव्यय बजट अनुमान 2026-27 में 15,500 करोड़ रुपये पर स्थिर रहने का अनुमान है।

अपने बजट भाषण में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी घोषणा की कि सरकार जल्द ही मेट्रो लाइन निर्माण के लिए इस्तेमाल होने वाली टनल बोरिंग मशीनों सहित निर्माण उपकरणों को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना भी शुरू करेगी।

सरकार, ऋण प्रबंधन पर ध्यान दे रही है। ऐसे में रेलवे ने कुछ वर्षों से परिचालन के मकसद से वाणिज्यिक उधारी बाजार से परहेज किया है।

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First Published - February 2, 2026 | 7:05 AM IST

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