दुनिया के प्रतिष्ठित संगीत पुरस्कार 68वें ग्रैमी अवॉर्ड समारोह में रविवार को दलाई लामा ने ऑडियो बुक, कथावाचन और किस्सागोई (स्टोरीटेलिंग) रिकॉर्डिंग श्रेणी में ग्रैमी पुरस्कार जीता। यह दलाई लामा का पहला ग्रैमी पुरस्कार है। उन्होंने इस श्रेणी में अमेरिकी उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश केतनजी ब्राउन जैक्सन को पीछे छोड़ा। दलाई लामा को यह पुरस्कार मिलने पर चीन ने ऐतराज जताया है। इसकी आलोचना करते हुए चीन ने कहा कि वह तिब्बती आध्यात्मिक नेता द्वारा इस सम्मान का उपयोग ‘चीन विरोधी गतिविधियों’ को अंजाम देने के लिए किए जाने का कड़ा विरोध करता है।
मुख्य समारोह से पहले होने वाला प्रारंभिक पुरस्कार समारोह लॉस एंजिलिस शहर के पीकॉक थिएटर में आयोजित किया गया। इस दौरान 86 ग्रैमी पुरस्कार दिए जाने हैं। दलाई लामा ने ‘ऑडियोबुक नैरेशन’ श्रेणी में अपनी एल्बम ‘मेडिटेशंस: द रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा’ के लिए यह पुरस्कार जीता। उन्होंने इस श्रेणी में कैथी गार्वर (एल्विस रॉकी ऐंड मी: द कैरल कॉनर्स स्टोरी), ट्रेवर नोआ (इंटू द अनकट ग्रास), केतनजी ब्राउन जैक्सन (लवली वन: ए मेमॉयर) और फैब मोरवन (यू नो इट्स ट्रू: द रियल स्टोरी ऑफ मिली वैनिली) जैसे कलाकारों को पीछे छोड़ते हुए यह पुरस्कार जीता।
इस एल्बम का संगीत सरोद वादक अमजद अली खान ने तैयार किया है। दलाई लामा ने यह पुरस्कार मिलने पर आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘मैं इस सम्मान को कृतज्ञता और विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं। मैं इसे व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में नहीं, बल्कि हमारी साझा वैश्विक जिम्मेदारी की मान्यता के रूप में देखता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मेरा दृढ़ विश्वास है कि शांति, करुणा, पर्यावरण की देखभाल और मानवता की एकता की समझ, सभी आठ अरब लोगों के सामूहिक कल्याण के लिए आवश्यक है।’ दलाई लामा ने कहा, ‘मैं आभारी हूं कि यह ग्रैमी सम्मान इन संदेशों को व्यापक रूप से फैलाने में मदद कर सकता है।’
दिग्गज अभिनेता कमल हासन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘दुनिया के एक प्रमुख विचारक को सम्मानित कलाकारों की प्रतिष्ठित श्रेणी में शामिल होते देखकर गर्व हो रहा है।’
चीन ने दलाई लामा को दिए गए ग्रैमी पुरस्कार की निंदा करते हुए कहा कि वह तिब्बती आध्यात्मिक नेता द्वारा इस सम्मान का उपयोग चीन विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किए जाने का कड़ा विरोध करता है। दलाई लामा को पुरस्कार मिलने पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने चीन के इस आरोप को दोहराया कि 90 वर्षीय आध्यात्मिक नेता धर्म के नाम पर अलगाववादी गतिविधियां चला रहे हैं। लिन ने यहां मीडिया से कहा कि दलाई लामा विशुद्ध रूप से धार्मिक व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘वह एक राजनीतिक निर्वासित हैं, जो धर्म की आड़ में चीन विरोधी अलगाववादी गतिविधियों के लिए प्रतिबद्ध हैं।’