नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा है कि एयर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान के ईंधन नियंत्रण स्विच में कोई खराबी नहीं पाई गई है। डीजीसीए ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इस विमान का इस्तेमाल रविवार और सोमवार के बीच लंदन-बेंगलूरु उड़ान संचालित करने के लिए हुआ था।
डीजीसीए ने एक बयान में कहा कि रविवार को जब लंदन में इंजन शुरू किए गए तो एआई132 उड़ान के पायलटों ने दो अवसरों पर देखा कि हल्का ऊर्ध्वाधर दबाव डाले जाने पर ईंधन नियंत्रण स्विच ‘रन’ मोड में ठीक ढंग से टिका नहीं रह पाया।
बयान के अनुसार पायलटों के तीसरे प्रयास में स्विच सही ढंग से काम करने लगा। आगे बढ़ने से पहले उड़ान चालक दल इस बात से संतुष्ट हो गए कि स्विच ‘रन’ मोड में ‘पूरी तरह स्थिर’ और ठीक से काम कर रहे हैं।
डीजीसीए ने कहा कि बोइंग की प्रक्रियाओं के अनुसार किए गए उड़ान पश्चात निरीक्षण में ईंधन नियंत्रण स्विच ठीक पाए गए और इनमें कोई असामान्य इंजन व्यवहार या खतरे का संकेत नहीं नजर आया। नियामक ने कहा कि बनावट के कारण स्विच गलत तरीके से दबाए जाने पर हिल सकते हैं मगर इनमें कोई खराबी नहीं होती है। एयर इंडिया को अपने पायलटों को ईंधन कट-ऑफ स्विच के लिए बोइंग की संचालन प्रक्रिया की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है।
जुलाई 2025 में जारी विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार ईंधन नियंत्रण स्विच पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया बोइंग 787 (उड़ान संख्या एआई171) दुर्घटना के बाद चर्चा के केंद्र में था। इस विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों ईंधन नियंत्रण स्विच तेजी से ‘कटऑफ’ मोड में पहुंच गए और लगभग 10 सेकंड बाद ‘रन’ मोड में वापस आ गए मगर तब तक इंजन बंद हो गए थे। रिपोर्ट के अनुसार एआई171 उड़ान में एक पायलट ने दूसरे से पूछा कि उसने स्विच क्यों घुमाए को दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया है।
रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि सवाल कैप्टन (मुख्य पायलट) ने पूछा था या सहायक पायलट ने। रिपोर्ट में तकनीकी खराबी से इनकार नहीं किया और कहा कि विमानन चिकित्सा और मनोविज्ञान विशेषज्ञ चल रही जांच में शामिल थे।
एआई132उड़ान के बारे में डीजीसीए ने कहा कि लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे पर या उसके बाद किसी भी समय बी787 विमान में इंजन शुरू होने पर कोई असामान्य इंजन व्यवहार, सावधानी, चेतावनी या संदेश नहीं नहीं दिखा। विमान उड़ाने वाले पायलट को सह-पायलट द्वारा बाएं इंजन स्विच के थोड़े हिलने की जानकारी दी गई थी।
इसके बाद स्विच के साथ अनावश्यक संपर्क से बचा गया और उड़ान की शेष अवधि में इंजन संकेत और अलर्टिंग सिस्टम की बारीकी से निगरानी की गई। नियामक ने कहा, ‘उड़ान बिना किसी घटना के पूरी हो गई।’
बेंगलूरु उतरने के बाद पायलटों ने उड़ान के बाद की रिपोर्ट में ईंधन स्विच से जुड़े मसले की जानकारी दी। इसके बाद एयर इंडिया ने बोइंग के साथ घटना का जिक्र किया। ईंधन नियंत्रण स्विच की काम करने की क्षमता सुनिश्चित करने के लिए बोइंग द्वारा जांच के आधार पर एयर इंडिया के इंजीनियरिंग प्रभाग ने बाएं और दाएं दोनों स्विचों का निरीक्षण किया।