भर्ती बाजार इस समय तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन तमाम कंपनियों को संबंधित काम के लिए योग्य पेशेवर तलाशने काफी मुश्किल होता जा रहा है। लिंक्डइन की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 74 फीसदी नियोक्ता इस परेशानी से जूझ रहे हैं। यह स्थिति तब है जब भर्ती गतिविधियां कोविड महामारी के पहले के स्तर से 40 फीसदी ऊपर चल रही हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नियोक्ताओं को सबसे ज्यादा मात्रा और गुणवत्ता में असंतुलन का सामना करना पड़ रहा है। जो नियोक्ता कहते हैं कि नौकरी लायक लोगों को ढूंढ़ना मुश्किल हो गया है, उनमें आधे से अधिक का मानना है कि उनके पास अब एआई से तैयार बायोडेटा अधिक (53 फीसदी) आ रहे हैं जबकि कई अन्य का यह भी कहना है कि मांग के अनुसार कौशल में कमी 47 फीसदी पर बनी हुई है। नियोक्ता एक और बढ़ते रुझान की ओर संकेत कर रहे हैं। अध्ययन में शामिल लगभग आधे (48 फीसदी) अधिकारी यह भी कहते हैं कि निम्न-गुणवत्ता या भ्रामक में से वास्तविक आवेदनों को छांटना आसान काम नहीं रह गया है और इससे उनकी भर्ती प्रक्रिया बाधित हो रही है।
इसका परिणाम यह हो रहा है कि श्रम बाजार में नौकरी चाहने वालों की कतार लगी है और प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है। लिंक्डइन प्लेटफॉर्म के आंकड़ों से पता चलता है कि देश में एक पद के लिए आने वाले आवेदनों की संख्या 2022 के मुकाबले अब दोगुनी से अधिक हो गई है। इसके अतिरिक्त, जहां 72 फीसदी पेशेवर कहते हैं कि वे 2026 में सक्रिय रूप से नौकरी तलाश रहे हैं, वहीं इनमें 85 फीसदी का मानना है कि वे इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए स्वयं को तैयार नहीं पा रहे हैं।
नौकरी बाजार के इन दबावों के बीच कंपनियां अब योग्य उम्मीदवार तलाशने में भी एआई की मदद लेने लगी हैं। जो लोग पहले से ही इसका उपयोग कर रहे हैं, उनमें से 71 फीसदी का कहना है कि एआई ने उन्हें उन कौशल वाले उम्मीदवारों को खोजने में मदद की है, जिन्हें वे पहले नहीं ढूंढ पा रहे थे, जबकि 80 फीसदी का कहना है कि इससे उम्मीदवार के कौशल का गहराई से पता लगाना आसान हो गया है। तीन-चौथाई से अधिक (76 फीसदी) नियोक्ता मानते हैं कि एआई पहले से ही भर्ती प्रक्रिया को गति दे रहा है।
लिंक्डइन में प्रतिभा समाधान उपाध्यक्ष (एशिया प्रशांत क्षेत्र) रुचि आनंद ने कहा, ‘कंपनियां अब प्रतिष्ठित संस्थान से डिग्री, पद या संपर्कों के बजाय किसी भी पेशेवर के सीधा-सीधा कौशल और क्षमता पर ध्यान दे रही हैं। भर्ती रुझान में आ रहे इस बदलाव को एआई के बिना बड़े पैमाने पर क्रियान्वित करना मुश्किल है। यदि जिम्मेदारी के साथ उपयोग किया जाए तो एआई आराम से नियोक्ताओं को उचित कौशल का पता लगाने, स्क्रीनिंग करने और निष्पक्षता के साथ भर्ती करने में खासा मददगार साबित होता है।’
बदलते हालात को देखते हुए कंपनियां भर्ती प्रक्रिया में एआई का और अधिक इस्तेमाल करेंगी। भारत में लगभग 80 फीसदी कंपनियों के भर्ती से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि वे नियुक्ति, आवेदकों का मूल्यांकन और शीर्ष प्रतिभाओं को अपने साथ जोड़ने के लिए अधिक से अधिक एआई का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। इनमें अधिकांश कहते हैं कि वे 2026 में पूर्व-स्क्रीनिंग साक्षात्कार के लिए भी एआई का उपयोग बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। इससे पूरी भर्ती प्रक्रिया आसान होने के साथ-साथ उचित पेशेवर को अपने साथ जोड़ने में खासी मदद मिलेगी।