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अमेरिकी टैरिफ कटौती से रत्न, आभूषण और कपड़ा सेक्टर को बढ़ावा, रूसी तेल से तुरंत दूरी मुश्किल: Moody’s

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रेटिंग एजेंसी ने कहा, ''कम टैरिफ रत्न, आभूषण, कपड़ा और परिधान जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए पॉजिटिव होगी, जो टॉप निर्यात क्षेत्रों में शामिल हैं

Last Updated- February 03, 2026 | 3:37 PM IST
India US Trade Deal

India- US trade deal: रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) ने मंगलवार को कहा कि ज्यादातर भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ रेट में कटौती रत्न (gems), आभूषण (jewellery), कपड़ा (textiles) और परिधान (apparel) जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों (labour-intensive sectors) के लिए पॉजिटिव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद कहा था कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं, जिसके तहत वाशिंगटन भारतीय सामानों पर जवाबी टैरिफ को मौजूदा 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी पर लाएगा।

भारत का वस्तु निर्यात बढ़ने की संभावना

मूडीज ने एक बयान में कहा कि यह व्यापार समझौता अमेरिका को होने वाले भारत के वस्तु निर्यात की वृद्धि को फिर से एक्टिव करेगा। भारत के लिए अमेरिका सबसे बड़ा वस्तु निर्यात बाजार बना हुआ है। रेटिंग एजेंसी ने कहा, ”कम टैरिफ रत्न, आभूषण, कपड़ा और परिधान जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए पॉजिटिव होगी, जो टॉप निर्यात क्षेत्रों में शामिल हैं।”

हालांकि, दवा और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, जो अन्य दो प्रमुख निर्यात क्षेत्र हैं, उन्हें अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 फीसदी के हाई टैरिफ से पहले ही छूट दी गई थी और इसलिए शुल्क में इस कटौती से उनके प्रभावित होने की संभावना नहीं है।

Also Read: भारत-अमेरिका ट्रेड डील से ‘काफी अनिश्चितता खत्म हुई’: DEA सचिव

रूसी तेल से दूरी तुरंत संभव नहीं

मूडीज ने यह भी कहा कि भले ही भारत ने हाल के महीनों में रूस से कच्चे तेल की खरीद कम कर दी है, लेकिन इसकी संभावना कम है कि वह तुरंत खरीद पूरी तरह बंद कर देगा, क्योंकि ऐसा करना भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए बाधक हो सकता है। मूडीज ने कहा, ”पूरी तरह से गैर-रूसी तेल की ओर स्थानांतरित होने से अन्य जगहों पर सप्लाई कम हो सकती है और कीमतें बढ़ सकती हैं, क्योंकि भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है।”

(PTI इनपुट के साथ)

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First Published - February 3, 2026 | 3:37 PM IST

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