Hyundai Motors Stock: ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनी हुंडई मोटर्स के शेयर मंगलवार (3 फरवरी) को शुरूआती कारोबार में 2 प्रतिशत तक चढ़ गए। कंपनी के शेयरों में यह तेजी तीसरी तिमाही के नतीजे जारी करने के एक दिन बाद देखने को मिली। कंपनी का मुनाफा वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में 6.3 प्रतिशत बढ़कर 1,234 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल सितंबर में जीएसटी दरों में कमी के बाद मांग मजबूत होने से कंपनी के वाहनों की बिक्री बढ़ी है। शेयर में जारी मूवमेंट के बीच ब्रोकरेज हॉउस एमके ग्लोबल ने कहा कि कमोडिटीज की कीमतों में तेजी और नए प्लांट से कंपनी के मार्जिन पर असर पड़ा है।
एमके ग्लोबल ने हुंडई मोटर्स पर अपनी ‘ADD‘ रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 2400 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यह शेयर के पिछले बंद भाव 2196 रुपये से करीब 10 फीसदी ज्यादा है।
ब्रोकरेज ने कहा हुंडई मोटर इंडिया का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में थोक बिक्री की रफ्तार बनी रहेगी। इसकी वजह तीसरी तिमाही में डीलरों के पास मौजूद गाड़ियों के स्टॉक को संतुलित करना है। दिसंबर 2025 तक डीलरों के पास करीब 3 से 4 हफ्ते का ही स्टॉक बचा है।
ब्रोकरेज के अनुसार, निर्यात को लेकर कंपनी का नजरिया भी सकारात्मक है। हुंडई मोटर इंडिया को भरोसा है कि प्रमुख विदेशी बाजारों में मजबूत मांग के चलते मौजूदा निर्यात वृद्धि दर आगे भी बनी रहेगी। कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और नए संयंत्र से होने वाले खर्च के कारण मुनाफे पर दबाव बना हुआ है, जो पूरे साल रह सकता है। इसे संभालने के लिए कंपनी ने कुछ कदम उठाए हैं। इसके तहत कीमतों में सोच-समझकर बढ़ोतरी की जा रही है। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में करीब 60 आधार अंकों की बढ़ोतरी की गई है, क्योंकि तीसरी तिमाही में वेन्यू मॉडल की शुरुआती कीमतें कम रखी गई थीं। इसके साथ ही कंपनी लागत घटाने और स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने पर लगातार ध्यान दे रही है।
ह्युंडै मोटर इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) का ग्रॉस नेट मुनाफा वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में सालाना 6.3 प्रतिशत बढ़कर 1,234 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल सितंबर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कमी के बाद मांग मजबूत होने से कंपनी के वाहनों की बिक्री बढ़ी है, जिससे इसे फायदा पहुंचा।
ह्युंडै मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) तरुण गर्ग ने कहा कि भारत में वाहनों की मांग कई नीतिगत उपायों के कारण बढ़ी है, जिनमें पिछले बजट में की गई आयकर में कमी, जीएसटी दरों में कटौती और 2025 में भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) द्वारा संचयी ब्याज दरों में कमी शामिल हैं।
(डिस्क्लमेर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)