India US trade deal: अमेरिका के शीर्ष नेताओं ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ओर से भारत जैसे “करीबी साझेदार” के साथ घोषित व्यापार समझौते से अमेरिका से भारत को ज्यादा कृषि उत्पादों का निर्यात होगा और यह समझौता रूस की आक्रामक नीतियों का मुकाबला करने में भी मदद करेगा।
सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष सीनेटर जिम रिश ने सोमवार को X पर लिखा, “आज भारत के साथ हुए व्यापार समझौते के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को बधाई। यह एक शानदार उपलब्धि है।”
उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि दुनिया का सबसे पुराना और सबसे बड़ा लोकतंत्र अमेरिका के साथ व्यापार बाधाएं कम करने पर सहमत हुआ है। भारत को अमेरिका का करीबी साझेदार बताते हुए रिश ने कहा कि अमेरिका में भारतीय प्रवासी समुदाय भी मजबूत है और भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के नकारात्मक प्रभाव का मुकाबला करने में अहम भूमिका निभाता है।
रिश ने कहा कि इस नए समझौते के तहत भारत ने अमेरिकी सामान खरीदने का वादा किया है। इससे अमेरिका को रूस की आक्रामकता का जवाब देने और यूक्रेन युद्ध खत्म करने के प्रयासों में मदद मिलेगी, क्योंकि भारत रूसी ऊर्जा क्षेत्र से दूरी बनाएगा।
अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रुक रोलिंस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर अमेरिकी किसानों के लिए काम किया है। उन्होंने X पर लिखा,
“नया अमेरिका-भारत समझौता भारत के बड़े बाजार में ज्यादा अमेरिकी कृषि उत्पाद भेजेगा, जिससे कीमतें बेहतर होंगी और ग्रामीण अमेरिका में नकदी पहुंचेगी।”
उन्होंने बताया कि 2024 में भारत के साथ अमेरिका का कृषि व्यापार घाटा 1.3 अरब डॉलर था। भारत की बढ़ती आबादी अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए एक बड़ा बाजार है और यह समझौता इस घाटे को कम करने में मदद करेगा।
अमेरिकी आंतरिक मंत्री और नेशनल एनर्जी डोमिनेंस काउंसिल के चेयरमैन डग बर्गम ने ट्रंप को “डीलमेकर इन चीफ” बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति अमेरिका की ऊर्जा खरीद के जरिए रिकॉर्ड निवेश ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह ऊर्जा कूटनीति है, जिससे अंतरराष्ट्रीय रिश्ते मजबूत होते हैं और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लाभ मिलता है।
ट्रंप ने सोमवार को ट्रुथ सोशल पर बताया कि भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते के तहत भारत पर लगने वाला अमेरिकी रेसिप्रोकल टैरिफ 25% से घटाकर 18% किया गया है। सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि भारत ने यह छूट “पूरी तरह से अर्जित” की है। उन्होंने कहा कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर दबाव डालकर यूक्रेन युद्ध खत्म करने की ट्रंप की रणनीति काम कर रही है। ग्राहम ने कहा कि भारत के कदमों से हम उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जहां रूस पर दबाव इतना बढ़े कि वह बातचीत की मेज पर आए।
सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसके बाद इस समझौते की घोषणा की गई। ट्रंप ने कहा कि आज सुबह प्रधानमंत्री मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। वह मेरे अच्छे दोस्त हैं और अपने देश के शक्तिशाली और सम्मानित नेता हैं। हमने व्यापार और रूस–यूक्रेन युद्ध खत्म करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
ट्रंप ने दावा किया कि भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका (और संभवतः वेनेजुएला) से ज्यादा तेल खरीदने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि इससे यूक्रेन में चल रहा युद्ध खत्म करने में मदद मिलेगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर से ज्यादा के ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, कृषि, कोयला, और अन्य उत्पाद खरीदेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप से बातचीत को “खुशनुमा” बताया। मोदी ने कहा, “मुझे अपने प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके खुशी हुई। मेड इन इंडिया उत्पादों पर टैरिफ घटकर 18% होना 1.4 अरब भारतीयों के लिए बड़ी खबर है। इस घोषणा के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद।”
उन्होंने कहा कि जब दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और सबसे बड़े लोकतंत्र साथ काम करते हैं, तो इससे दोनों देशों के लोगों को फायदा होता है। राष्ट्रपति ट्रंप का नेतृत्व वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। भारत उनके शांति प्रयासों का पूरा समर्थन करता है। मोदी ने कहा कि वे इस साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए ट्रंप के साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हैं।
पीटीआई इनपुट के साथ