भारत और अमेरिका के बीच लंबे इंतजार के बाद हुई ट्रेड डील ने बाजार का मूड एक झटके में बदल दिया। महीनों से चले आ रहे भू राजनीतिक तनाव के बीच इस समझौते ने निवेशकों में नया भरोसा पैदा किया। इसका सबसे बड़ा असर देश के दो दिग्गज उद्योगपतियों मुकेश अंबानी और गौतम अदाणी की कंपनियों पर देखने को मिला।
मुंबई शेयर बाजार में कारोबार के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर करीब 7.1 प्रतिशत तक चढ़ गए, जो पिछले दो साल में इसकी सबसे बड़ी तेजी रही। वहीं अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों में 11.9 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगी। यह नवंबर 2024 के बाद शेयर में आई सबसे तेज बढ़त मानी जा रही है। बाजार ने इस डील को साफ तौर पर राहत भरी खबर के रूप में लिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बताया कि नई ट्रेड डील के तहत भारत पर लगाए जाने वाले 50 प्रतिशत के भारी टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाएगा। इसके बदले भारत ने रूस से तेल खरीद रोकने पर सहमति जताई है। इस फैसले ने दोनों देशों के रिश्तों में जमी बर्फ को काफी हद तक पिघला दिया है।
हालांकि ट्रेड डील की पूरी शर्तें अभी सामने नहीं आई हैं, लेकिन यह समझौता उन आशंकाओं को दूर करता दिख रहा है जो बीते साल से अंबानी और अदाणी समूह पर बनी हुई थीं। दोनों उद्योगपति अलग अलग वजहों से अमेरिकी जांच एजेंसियों और नीति निर्माताओं की नजर में थे, जिससे उनकी कंपनियों पर दबाव बढ़ा हुआ था।
पिछले कुछ महीनों में अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों ने भारत द्वारा रूसी कच्चा तेल खरीदने पर नाराजगी जताई थी। इस दौरान रिलायंस जैसी बड़ी एनर्जी कंपनियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाने पर लिया गया था। अब इस ट्रेड डील के बाद रिलायंस के लिए वेनेजुएला से तेल आयात का रास्ता खुल सकता है। सूत्रों के मुताबिक कंपनी रूसी तेल के विकल्प के तौर पर वेनेजुएला को देख रही है, लेकिन अंतिम फैसला लेने से पहले भारत और अमेरिका दोनों सरकारों से मार्गदर्शन ले रही है।
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भारत अमेरिका रिश्तों में सुधार का असर अदाणी समूह पर भी पड़ सकता है। जानकारों का कहना है कि इससे अमेरिका में चल रहे रिश्वत से जुड़े मामले को सुलझाने में मदद मिल सकती है। हाल ही में अमेरिकी नियामक संस्था की ओर से दायर मुकदमे में एक अहम प्रक्रिया से जुड़ी बाधा भी दूर हुई है, जिससे आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ है।
मंगलवार को शेयरों में आई इस तेजी ने अंबानी और अदाणी की संपत्ति में आई हालिया गिरावट की कुछ हद तक भरपाई की है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, साल 2026 में अब तक दोनों की कुल संपत्ति में करीब 24 अरब डॉलर की कमी आई थी। हालांकि इस उछाल के बावजूद रिलायंस के शेयर अब भी इस साल करीब 8 प्रतिशत नीचे बने हुए हैं।