Stock Market Closing Bell, February 4, 2026: एशियाई बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बुधवार (4 फरवरी) को उतार-चढ़ाव वाले कारोबार में हरे निशान में बंद हुए। बाजार में पिछले दो सेशन में आई जोरदार तेजी के बाद मुनाफावसूली देखने को मिली। ऑटो और मेटल स्टॉक्स में तेजी से बाजार को सपोर्ट मिला लेकिन आईटी शेयरों में भारी गिरावट के चलते बाजार पर दबाव रहा जिससे बढ़त सिमित हो गई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेवलपर एंथ्रॉपिक (Anthropic) के नए एआई टूल पेश करने के बाद दुनिया भर में आईटी और टेक शेयरों में गिरावट आई। इसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 400 से ज्यादा अंक गिरकर 83,252.06 पर खुला। हालांकि, खुलने के कुछ ही देर में यह बढ़त में आ गया। कारोबार के दौरान यह लाल और हरे निशान में झूलता रहा। अंत में 78.56 अंक या 0.09 फीसदी की मामूली बढ़त लेकर 83,817.69 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी गिरावट के साथ 25,675 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 25,563 अंक के इंट्रा-डे लो और 25,818 अंक के इंट्रा-डे हाई तक गया। अंत में 48.45 अंक या 0.19 फीसदी चढ़कर 25,776 पर बंद हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा। इसके चलते बाजार कभी बढ़त तो कभी गिरावट के बीच झूलता रहा। हालिया गिरावट के बाद वैल्यू खरीदारी उभरने से मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों ने बड़े शेयरों से बेहतर प्रदर्शन किया।”
उन्होंने कहा कि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, तेल एवं गैस, मेटल और ऑटो सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, एंथ्रॉपिक के नए एआई आधारित ऑटोमेशन टूल पेश किए जाने के बाद ट्रेडिशनल आउटसोर्सिंग सर्विसेज की मांग घटने की चिंता से आईटी शेयरों में कमजोरी रही। इससे बाजार की कुल बढ़त सीमित रही।
उन्होंने कहा, ”आगे चलकर बाज़ार की दिशा काफी हद तक भारतीय रिज़र्व बैंक की आगामी मौद्रिक नीति के फैसले और हाल ही में घोषित अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर मिलने वाली स्पष्टता पर निर्भर करेगी।”
निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 6 प्रतिशत की तेज गिरावट आई। इसकी वजह वॉल स्ट्रीट में सॉफ्टवेयर शेयरों का टूटना रहा, जो तब हुआ जब एआई स्टार्टअप एंथ्रॉपिक ने इन-हाउस वकीलों के लिए एक नया प्रोडक्टिविटी टूल लॉन्च किया। निवेशकों को डर है कि ऐसे एआई टूल्स आने से सॉफ्टवेयर कंपनियों का कारोबार और मुनाफा प्रभावित हो सकता है।
सेंसेक्स में इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक और कोटक बैंक सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। वहीं, इटरनल, ट्रेंट, एनटीपीसी, पावर ग्रिड और अदाणी पोर्ट्स सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रहे।
ब्रोडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.63 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.27 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। आईटी शेयरों के अलावा निफ्टी फार्मा इंडेक्स भी हल्की गिरावट के साथ 0.34 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। दूसरी ओर, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल और निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स सबसे ज्यादा बढ़त में रहे, जिनमें क्रमशः 2.6 प्रतिशत और 2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
वॉल स्ट्रीट के इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशकों ने टेक्नोलॉजी शेयरों से पैसा निकालकर आर्थिक सुधार से जुड़े दूसरे शेयरों में निवेश बढ़ाया। कारोबार के अंत में डॉव जोन्स 0.34 प्रतिशत नीचे रहा, एसएंडपी 500 में 0.84 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि नैस्डैक 1.43 प्रतिशत टूट गया।
एशियाई शेयर बाजारों में बुधवार सुबह मिलाजुला रुख देखने को मिला। कोई बड़ा सकारात्मक संकेत नहीं था। चीन का सीएसआई 300 इंडेक्स 0.29 प्रतिशत गिरा, हांगकांग का हैंग सेंग 0.05 प्रतिशत फिसला और जापान का निक्केई 0.61 प्रतिशत नीचे रहा। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.54 प्रतिशत चढ़ा।
कमोडिटी बाज़ार में हाजिर सोने की कीमतें 1 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 5,002 डॉलर प्रति औंस हो गईं, जबकि हाजिर चांदी 0.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 85.70 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। आर्थिक मोर्चे पर जापान और भारत दोनों आज जनवरी के लिए एसएंडपी ग्लोबल/एचएसबीसी के कंपोज़िट और सर्विसेज़ पीएमआई (अंतिम) आंकड़े जारी करने वाले हैं।