इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के तहत 5 से 7 नए आवेदनों को मंजूरी दे सकता है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। इन परियोजनाओं में करीब 11,150 करोड़ रुपये का कुल निवेश होने की संभावना है। इन इकाइयों से लगभग 29,000 करोड़ रुपये का उत्पादन हो सकता है। साथ ही, इससे करीब 19,000 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद है।
अधिकारी ने बताया कि ये सभी परियोजनाएं 2026 में शुरू हो सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन मंजूरियों के बाद ECMS के लिए तय फंड का करीब 80 से 85 फीसदी इस्तेमाल हो जाएगा। जरूरत पड़ने पर, आगे भी नई परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से मंजूरी दी जाती रहेगी।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि नई इकाइयां प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB), लिथियम-आयन सेल, ऑप्टिकल ट्रांसीवर, एल्युमिनियम एक्सट्रूज़न, एनोड मटीरियल और कॉपर-क्लैड लैमिनेट जैसे क्षेत्रों में स्थापित की जा सकती हैं।
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अप्रैल 2025 में शुरू की गई ECMS के तहत अब तक इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 46 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में कुल निवेश 54,567 करोड़ रुपये का है। अनुमान है कि इनसे 3.67 लाख करोड़ का उत्पादन होगा और करीब 51,000 लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा।
ये 46 परियोजनाएं देश के 11 राज्यों में फैली हुई हैं। इनके तहत प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB), कैपेसिटर, कनेक्टर्स, मोबाइल फोन और अन्य डिवाइस के एनक्लोजर, लिथियम-आयन सेल, कैमरा और डिस्प्ले मॉड्यूल, ऑप्टिकल ट्रांसीवर, एल्युमिनियम एक्सट्रूज़न, एनोड मटीरियल और कॉपर-क्लैड लैमिनेट जैसे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्माण किया जाएगा।
इन सभी कंपोनेंट्स का इस्तेमाल मोबाइल फोन, लैपटॉप, टेलीविजन, कंप्यूटर डिस्प्ले और सर्वर जैसे उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।
बजट 2026–27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के लिए आवंटन बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पहले 22,919 करोड़ रुपये तय किया गया था।
ECMS के लिए बढ़ाया गया यह आवंटन सरकार के उस उद्देश्य के अनुरूप है, जिसके तहत भारत को ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में कच्चे माल और तैयार प्रोडक्ट्स – दोनों का एक अहम सप्लायर बनाया जाना है।
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एक अधिकारी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025–26 में इलेक्ट्रॉनिक्स भारत से निर्यात होने वाली तीसरी सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ने वाली कैटेगरी बनी रहने की संभावना है।
एक अधिकारी ने बताया, “वित्त वर्ष 2024-25 में देश का कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लगभग 11 लाख करोड़ रुपये रहा, जिसमें से 3.27 लाख करोड़ रुपये का निर्यात हुआ। सिर्फ ECMS के तहत ही योजना की छह साल की अवधि में करीब 1,41,801 सीधी नौकरियां पैदा होने की संभावना है, जबकि पहले हमारा अनुमान 91,600 नौकरियों का था। इन प्रत्यक्ष नौकरियों का अप्रत्यक्ष रोजगार पर भी गुणक प्रभाव पड़ेगा।”