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ट्रेड डील पर बोले PM मोदी: राष्ट्रहित में लिया गया ‘बड़ा फैसला’, देश के हर वर्ग को मिलेगा फायदा

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संसद भवन परिसर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सांसदों की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को ‘बड़ा फैसला’ बताया

Last Updated- February 04, 2026 | 10:18 AM IST
PM Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी | फाइल फोटो

अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौता होने की घोषणा का कई मुख्यमंत्रियों ने स्वागत किया है। इनमें उन राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं जहां से अप्रैल 2025 से अमेरिका को निर्यात थम गया था या कम हो गया था। मंगलवार को संसद भवन परिसर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सांसदों की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को ‘बड़ा फैसला’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे देश में सभी को लाभ होगा। मोदी ने कहा कि कि उनकी सरकार हमेशा राष्ट्र के हित में काम करती है।

राजग गठबंधन के सदस्यों ने यूरोपीय संघ (ईयू) और अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों के लिए प्रधानमंत्री को बधाई दी और सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय निर्माताओं, निर्यातकों और उद्यमियों को इस समझौते से मजबूती मिलेगी। अमेरिकी द्वारा भारतीय वस्तुओं पर शुल्क लगाने के बाद रत्न एवं आभूषणों का निर्यात विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित गुजरात से थम गया था। इसके साथ ही  तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) शासित आंध्र प्रदेश से झींगा मछली एवं अन्य समुद्री उत्पादों का निर्यात प्रभावित हुई था। एक अन्य दक्षिणी राज्य तमिलनाडु से वस्त्रों के निर्यात को तगड़ी चोट पहुंची थी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध संगठनों, विशेष रूप से स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) और भारतीय किसान संघ ने सरकार से देश के किसानों एवं इसके दुग्ध क्षेत्र के हितों को दांव पर नहीं लगाने के लिए कहा था। एसजेएम के सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने इस समझौते का स्वागत किया क्योंकि यह भारत के किसानों और उसके दुग्ध उद्योग की आजीविका की रक्षा करता है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू (जिनकी पार्टी तेदेपा केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार का एक घटक है) ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर झींगे के उत्पादन में लगे अपने राज्य के किसानों के हितों का मुद्दा उठाया था। आंध्र सरकार ने अपने निर्यात में विविधता लाने और नए बाजारों की तलाश करने की भी कोशिश की थी।

नायडू ने प्रधानमंत्री को बधाई दी और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को ‘वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर’ बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत की निर्यात प्रतिस्पर्द्धा को महत्त्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगा जिससे आंध्र प्रदेश सहित हमारे युवाओं और किसानों के लिए अपार अवसर पैदा होंगे। नायडू के अलावा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने भी केंद्र को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि उनके राज्य में लाखों नौकरियां (विशेष रूप से कपड़ा क्षेत्र में) खतरे में हैं। तमिलनाडु में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने हैं। जम्मू -कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि व्यापार समझौते से भारत के निर्यात को लाभ होगा।

राज्यसभा में तेदेपा सांसद बीड़ा मस्तान राव यादव ने कहा कि सरकार को शुल्क हटाए जाने की औपचारिक और एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करने के लिए अमेरिकी प्रशासन के साथ गहन संवाद जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बयान में पारस्परिक शुल्क का उल्लेख है मगर यह 25 शुल्क हटाने की बात की स्पष्ट रूप से पुष्टि नहीं करता है। यादव ने कहा कि अमेरिकी सीमा शुल्क प्रवेश दस्तावेज दो अलग-अलग शुल्क कोड दिखाते हैं जिनमें एक पारस्परिक शुल्क के लिए और दूसरा रूस से तेल खरीदने पर लगाए गए शुल्क के लिए है। उन्होंने कहा कि इन पर निर्यातकों को फिलहाल अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अमेरिका के आर्थिक विस्तारवाद के आगे ‘झुक गए’ और देश के किसानों के हितों को ताक पर रख कर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए ‘पूरी तरह आत्मसमर्पण’ कर दिया है।

कांग्रेस और गांधी पर पलटवार करते हुए भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने उनकी मंशा पर सवाल उठाया और क्या विपक्ष वाकई भारत के हितों को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी दबाव के आगे झुकने के राहुल गांधी के आरोप की आलोचना की।

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First Published - February 3, 2026 | 11:17 PM IST

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