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CCI ने दिए इंडिगो के ​खिलाफ जांच के आदेश, उड़ानें रद्द कर बाजार में प्रभुत्व का संभावित दुरुपयोग

सीसीआई ने कहा कि हजारों की संख्या में उड़ानें रद्द कर इंडिगो ने अपनी निर्धारित क्षमता का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा बाजार से हटा लिया जिससे कृत्रिम अभाव उत्पन्न हो गया

Last Updated- February 04, 2026 | 10:51 PM IST
indigo

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने दिसंबर में बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द किए जाने के मामले में आज विमानन कंपनी इंडिगो के खिलाफ विस्तृत जांच का आदेश दिया। सीसीआई ने अपनी प्रारंभिक जांच में पाया कि इं​डिगो ने बाजार में अपने प्रभुत्व का दुरुपयोग करते हुए सेवाओं को प्रतिबंधित करके प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।

पिछले साल 18 दिसंबर को आयोग ने एक संक्षिप्त बयान में कहा था कि उसने 1 से 9 दिसंबर के बीच विभिन्न मार्गों पर हवाई सेवाओं में व्यवधान के संदर्भ में इंडिगो के खिलाफ दायर जानकारी का संज्ञान लिया है। सीसीआई ने कहा कि हजारों की संख्या में उड़ानें रद्द कर इंडिगो ने अपनी निर्धारित क्षमता का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा बाजार से हटा लिया जिससे कृत्रिम अभाव उत्पन्न हो गया और अ​धिक मांग के समय यात्रियों को हवाई सफर की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल सकी।

आयोग ने कहा, ‘बाजार में वर्चस्व वाली कंपनी की ओर से ऐसे आचरण को प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा चार (2)(बी)(आई) के तहत सेवाओं की आपूर्ति सीमित करना माना जा सकता है।’ सीसीआई के आदेश के बारे में पक्ष जानने के लिए इंडिगो को ईमेल किया गया मगर खबर लिखे जाने तक जवाब नहींआया।

प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा चार बाजार में दबदबे की स्थिति के दुरुपयोग से संबंधित है। सीसीआई ने कहा कि प्रथम दृष्टया इंडिगो का यह आचरण भारत में प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव डालता प्रतीत होता है। इसके मद्देनजर आयोग ने मामले की विस्तृत जांच के लिए अपने महानिदेशक को निर्देश दिए हैं।

महानिदेशक कार्यालय को आदेश की प्राप्ति की तारीख से 90 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। आदेश से पता चला कि इंडिगो ने सीसीआई को बताया है कि प्रतिस्पर्धा अधिनियम आयोग को क्षेत्रीय नियामक ढांचे की पर्याप्तता या प्रभावशीलता की जांच करने का अधिकार नहीं देता है। इंडिगो ने कहा, ‘नागर विमान महानिदेशालय (डीजीसीए) के विशिष्ट अधिकार क्षेत्र में आने वाले मामलों में आयोग का कोई भी हस्तक्षेप अधिकार क्षेत्र का गलत इस्तेमाल होगा’

इंडिगो ने 1 से 9 दिसंबर के बीच 4,200 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी थीं। यह संकट तब शुरू हुआ जब डीजीसीए ने नवंबर, 2025 में नए ड्यूटी नियमों को पूरी तरह से लागू किया था। इससे विमान कंपनी अपने पायलट ड्यूटी रोस्टर को मैनेज नहीं कर पाई और पायलटों की कमी हो गई। सीसीआई ने अपने आदेश में इंडिगो के बाजार में दबदबे के लिए वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 की यात्री संख्या, बाजार हिस्सेदारी और प्रति किलोमीटर उपलब्ध सीट सहित सभी घरेलू विमान कंपनियों के आंकड़े का हवाला दिया।

आयोग ने कहा, ‘घरेलू विमानन बाजार में एकीकरण बढ़ रहा है, जिससे पता चलता है कि अग्रणी कंपनियां प्रतिस्पर्धा की चिंता से इतर काम कर सकती है क्योंकि प्रतिद्वंद्वियों की मौजूदगी काफी हद तक सीमित है।’ डीजीसीए ने आयोग को सितंबर, अक्टूबर और नवंबर 2025 के महीनों के लिए इंडिगो द्वारा विशेष रूप से संचालित मार्गों का विवरण प्रदान किया था।

सीसीआई ने इंडिगो मामले में प्रारंभिक जांच बेंगलूरु के एक ग्राहक की शिकायतक पर की थी जिसने उड़ान रद्द होने के कारण 7,173 रुपये की मूल लागत की तुलना में 17,000 रुपये की अधिक कीमत पर टिकट बुक करने की मजबूरी और अन्य परेशानियों की शिकायत की थी।

9 दिसंबर, 2025 को डीजीसीए ने इंडिगो को संचालन स्थिर करने में मदद करने के लिए पूरी सर्दियों के लिए अपनी 10 फीसदी घरेलू उड़ानों में कटौती करने के लिए कहा था।

First Published - February 4, 2026 | 10:46 PM IST

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