बजाज फाइनैंस के दिसंबर तिमाही के नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्मों की राय बंटी हुई है। कुछ ने अनुकूल मूल्यांकन में सहजता देखते हुए शेयर के लिए कीमत लक्ष्य बढ़ा दिया है, जबकि अन्य ने ऋण लागत की राह पर सतर्कता दिखाई है। दिसंबर तिमाही में बजाज फाइनैंस का समेकित शुद्ध लाभ एक साल पहले के मुकाबले 6 प्रतिशत घटकर 3,977.85 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में यह आंकड़ा 4,246.54 करोड़ रुपये था। परिचालन से उसका राजस्व 21,213.89 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 18,035.13 करोड़ रुपये था।
बजाज फाइनैंस का शेयर दिन के कारोबार में 2 प्रतिशत गिर गया और बीएसई पर 943.45 रुपये के निचले स्तर पर आ गया। बाद में यह थोड़ा संभला और मामूली गिरावट के साथ 964 रुपये पर बंद हुआ। इसकी तुलना में बीएसई का सेंसेक्स 83,817.69 पर ऊपर बंद हुआ।
नोमूरा रिसर्च का कहना है कि बजाज फाइनैंस ने स्वेच्छा से सभी योजनाओं में लॉस-गिवन-डिफॉल्ट फ्लोर (ग्राहक के डिफॉल्ट करने पर हुए नुकसान की न्यूनतम सीमा) को संशोधित किया है। इसके फलस्वरूप वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में में 1,400 करोड़ रुपये का अधिक प्रावधान किया गया। इसे छोड़ दें तो ऋण लागत 192 आधार अंक पर रही, जो पिछली तिमाही के 205 आधार अंक से कम है।
ब्रोकरेज ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों या एमएसएमई पर दबाव बढ़ गया है, स्टेज 2+3 (पुनर्गठित और एनपीए) में तिमाही आधार पर 23 आधार अंक और सालाना आधार पर 100 आधार अंक की वृद्धि हुई है। लिहाजा, प्रबंधन को तीसरी तिमाही में एमएसएमई वृद्धि अनुमान को धीमा करके 11 प्रतिशत सालाना करना पड़ा। हालांकि, इस सेगमेंट में वृद्धि दो से तीन तिमाहियों में 20 प्रतिशत के दायरे में वापस आने की उम्मीद है।
एमके ग्लोबल रिसर्च ने कहा कि तीसरी तिमाही में बजाज फाइनैंस ने उम्मीद से कमजोर नतीजे दिए हैं, जिसमें वृद्धि, लाभप्रदता और ऋण लागत सभी में कमजोरी दर्ज की गई है। प्रबंधन को ऋण लागत 1.65-1.75 प्रतिशत के दायरे में रहने का भरोसा है। एमके ने कहा कि संभावित ऋण नुकसान (ईसीएल) मॉडल में बदलाव से 300-400 करोड़ रुपये के अतिरिक्त वार्षिक प्रावधान से संबंधित असर पड़ेगा।
तीसरी तिमाही के प्रदर्शन और प्रबंधन की टिप्पणी को ध्यान में रखते हुए एमके ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने प्रति शेयर आय (ईपीएस) अनुमान को 5 प्रतिशत कम कर दिया है और कीमत लक्ष्य भी घटाकर 950 रुपये कर दिया है। हालांकि उसने वित्त वर्ष 2027- 2028 के अनुमानों को मोटे तौर पर अपरिवर्तित रखा है।
जेएम फाइनैंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज ने शेयर को ‘जोड़ें’ से बदलकर ‘खरीदें’ रेटिंग दी है और कीमत लक्ष्य बढ़ाकर 1,125 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज ने कहा कि बजाज फाइनैंस ने तीसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक पेश किए हैं। बढ़े हुए प्रावधान खर्च का कारण एक सहायक कंपनी में हिस्सेदारी की बिक्री से होने वाले लाभ के बाद ईसीएल शुल्क में तेजी थी, जिससे ईसीएल/एक्सपोजर दूसरी तिमाही में 1.67 प्रतिशत से बढ़कर 2.04 प्रतिशत हो गया। ब्रोकरेज ने कंपनी के लिए वित्त वर्ष 2027-2028 का ईपीएस अनुमान बरकरार रखा है।
आनंद राठी रिसर्च ने भी इस शेयर को ‘खरीदें’ रेटिंग दी है और कीमत लक्ष्य को बढ़ाकर 1,130 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज ने कहा कि बजाज फाइनैंस ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में बेहतर प्रदर्शन किया है। एकमुश्त या त्वरित ईसीएल प्रावधान के लिए समायोजित करने पर, शुद्ध लाभ अनुमान से अधिक होता। बेहतरीन निष्पादन कौशल, एक मजबूत एआई प्लेटफॉर्म और शेयर की कीमत में तेज गिरावट को ध्यान में रखते हुए ब्रोकरेज ने अपने कीमत लक्ष्य में बदलाव किया है।