अदाणी डिफेंस ऐंड एरोस्पेस और इटली की प्रमुख कंपनी लियोनार्डो मिलकर भारत में हेलीकॉप्टर विनिर्माण इकाई लगाएंगी। इस संबंध में मंगलवार को रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की गई। इस समझौते के अनुसार भारतीय सशस्त्र बलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए दोनों कंपनियां संयुक्त रूप से सैन्य हेलीकॉप्टरों का निर्माण और विकास करेंगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीते रविवार को पेश बजट में नागरिक विमानन, प्रशिक्षण और अन्य विमानों के पुर्जों और उपकरणों से सीमा शुल्क हटा दिया है। इस समझौते से भारत लियोनार्डो के लियोनार्डो के आधुनिक एडब्ल्यू169एम और एडब्ल्यू109 ट्रेकरएम हेलीकॉप्टरों के निर्माण की क्षमता प्रदान करेगा। रखरखाव और मरम्मत क्षमताओं तथा पायलट प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करते हुए दोनों कंपनियों के बीच हुआ यह सौदा रक्षा विनिर्माण में भारत के स्वदेशीकरण प्रयासों को आगे बढ़ाएगा।
लियोनार्डो की वेबसाइट के अनुसार, एडब्ल्यू169एम एक आधुनिक, बहु-उद्देश्य सैन्य हेलीकॉप्टर है, जिसे यूलिलिटी, टोही और विशेष अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है। यह हेलीकॉप्टर काफी वजन लेकर हर मौसम में रात या दिन में उड़
सकता है।
एडब्ल्यू109 ट्रेकरएम एक हल्का हेलीकॉप्टर है जो कई कार्यों में इस्तेमाल हो सकता है। यह अपनी गति, सक्रियता और किफायती संचालन के लिए जाना जाता है। इसे टोही, प्रशिक्षण, चिकित्सीय निकासी और हल्के परिवहन के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। दोनों हेलीकॉप्टर चुनौतीपूर्ण सैन्य उद्देश्यों के लिए माकूल हैं।
अदाणी डिफेंस ऐंड एरोस्पेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशिष राजवंशी ने कहा कि देश में अगले एक दशक में सशस्त्र बलों को 1,000 से अधिक हेलीकॉप्टरों की आवश्यकता होने का अनुमान है। इस समय लगभग 250 हेलीकॉप्टर परिचालन में हैं।
लियोनार्डो के साथ साझेदारी से इस अंतर को पाटने में मदद मिलने की उम्मीद है। लियोनार्डो हेलीकॉप्टर्स के प्रबंध निदेशक जियान पिएरो कुटिलो ने कहा कि भारत एक बड़ा बाजार है और यहां सशस्त्र बलों के लिए लगातार उन्नत हेलीकॉप्टरों की जरूरत पड़ेगी।