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संसद में संग्राम: विपक्ष के 8 सांसद पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित, राहुल गांधी के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शन

कांग्रेस सदस्यों ने राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी सदस्यों के निलंबन के खिलाफ संसद भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया

Last Updated- February 03, 2026 | 11:07 PM IST
Om Birla
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला | फाइल फोटो

लोक सभा से आठ विपक्षी सदस्यों को मंगलवार दोपहर ‘अनुचित व्यवहार’ पर बजट सत्र के बाकी अवधि के लिए निलंबित किए जाने के बाद विपक्षी सूत्रों ने संकेत दिया कि उनके सांसद पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे की अप्रकाशित ‘संस्मरण’ के मुद्दे को सत्र के बाकी समय में लगातार उठाते रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देंगे।

लोकसभा में मंगलवार को जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर दोपहर 2 बजे दोबारा चर्चा शुरू हुई, तो विपक्ष के नेता राहुल गांधी बोलने के लिए उठे और पूर्व सेना प्रमुख नरवणे के अप्रकाशित ‘संस्मरण’ का हवाला देने वाले एक लेख को सत्यापित किया। किसी दस्तावेज को सत्यापित करने के लिए एक सदस्य को उसकी हस्ताक्षरित प्रति जमा करनी होती है, जिसमें यह पुष्टि की जाती है कि वह उनकी जानकारी के अनुसार सही है।

सदन की अध्यक्षता कर रहे कृष्ण प्रसाद टेनेटी ने राहुल गांधी से इसे पटल पर रखने के लिए कहा और कहा, ‘हम इसकी जांच करेंगे और जवाब देंगे।’ संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि अध्यक्ष ने इस मामले पर फैसला सुना दिया है। उसके बाद गांधी को बार-बार यह मुद्दा नहीं उठाना चाहिए। गांधी ने जोर देते हुए कहा कि वह विपक्ष के नेता हैं। इसलिए जब उन्हें बोलना होता है तो ‘अनुमति’ लेने की बात कही जाती है, जिस पर उन्हें आपत्ति है।

अध्यक्ष ने तब अन्य वक्ताओं के नाम पुकारे, फिर भी राहुल गांधी खड़े रहे। राहुल गांधी से एकजुटता दर्शाते हुए तीन विपक्षी सांसदों ने बोलने से इनकार कर दिया जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के घटक तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के हरीश बालायोगी अपनी बात रखने के लिए उठे। इससे कांग्रेस और अन्य विपक्षी सांसद सदन के वेल में आ गए। इनमें से कुछ ने महासचिव की मेज पर चढ़ने की कोशिश की, कागजात फाड़े और उन्हें अध्यक्ष पर फेंका। हंगामा शांत नहीं होने के कारण टेनेटी ने सदन की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

कई बार सदन स्थगित होने के बाद भी हंगामा जारी रहा। सदन की कार्यवाही 3 बजे जैसे ही दोबारा शुरू हुई, अध्यक्ष पद पर आसीन दिलीप सैकिया ने 8 सांसदों के नाम पुकारे, जिनमें कांग्रेस के सात और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का एक सदस्य शामिल था। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बजट सत्र की शेष अवधि के लिए आठों सदस्यों को निलंबित करने की मांग करते हुए प्रस्ताव रखा। रीजीजू ने कहा कि सदस्यों ने सदन और अध्यक्ष के अधिकार की अवहेलना की है। बजट सत्र 2 अप्रैल तक चलेगा।

निलंबित होने वाले सदस्य गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, सी किरण कुमार रेड्डी, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, मणिकम टैगोर, प्रशांत पडोले और डीन कुरियाकोस (सभी कांग्रेस) और एस वेंकटेशन (सीपीआई-एम) हैं। सदन ने ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित कर दिया। इसके बाद फिर हंगामा शुरू हो गया और कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

इसके बाद कांग्रेस सदस्यों ने राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी सदस्यों के निलंबन के खिलाफ संसद भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने कहा कि निलंबित सदस्य सदन के बाहर विरोध करना जारी रखेंगे। दिन के पहले हिस्से में सदन की कार्यवाही का संचालन कर रहे टेनेटी ने मीडिया को बताया कि एक सदस्य ने अध्यक्ष को ‘यार’ कहकर संबोधित किया। इसके बाद वह सख्त हुए और संबंधित सांसद से सवाल पूछा। उनके बगल में खड़े एक अन्य सदस्य ने सवाल किया कि ‘यार’ कहने में क्या आपत्तिजनक है। यह बिल्कुल अनुचित व्यवहार था। ऐसा नहीं होना चाहिए था। इसके बाद वे सदन की मेज के पास आ गए और कागजात फेंके। यह सब बेहद आपत्तिजनक है।

कांग्रेस महासचिव (प्रभारी संगठन) केसी वेणुगोपाल ने मीडिया को बताया कि पूरा देश देख रहा है कि सरकार किस तरह संसद को तमाशा बना रही है। बाद में लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे एक पत्र में राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले पर सदन में बोलने की अनुमति नहीं देने और इसे हमारे लोकतंत्र पर ‘धब्बा’ कहने पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा, ‘आज मुझे लोक सभा में बोलने से रोकना न केवल परंपरा का उल्लंघन है, बल्कि इससे एक गंभीर चिंता भी पैदा होती है कि विपक्ष के नेता के रूप में मुझे राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर बोलने से रोकने का जानबूझकर प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति के अभिभाषण का महत्त्वपूर्ण हिस्सा था, जिस पर संसद में चर्चा की आवश्यकता है।’

इससे पहले सोमवार को भी लोक सभा में उस समय हंगामा हुआ था जब विपक्ष के नेता गांधी ने 2020 के भारत-चीन संघर्ष पर पूर्व सेना प्रमुख के अप्रकाशित ‘संस्मरण’ को उद्धृत करने की कोशिश की, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य भाजपा सदस्यों ने उन पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए इसका कड़ा विरोध किया। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गांधी को यह मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं दी।

First Published - February 3, 2026 | 11:07 PM IST

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