संसद द्वारा अगले सप्ताह विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा किए जाने की संभावना है। इस बीच विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक अमेरिकी कांग्रेसी की प्रस्तावित संशोधनों की आलोचना को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि संसद में चर्चा किए जाने वाले विधायी मामले भारत का आंतरिक मामला हैं। वेस्ट वर्जीनिया के रिपब्लिकन प्रतिनिधि, अमेरिकी कांग्रेसी राइली मूर ने आरोप लगाया था कि प्रस्तावित संशोधन ईसाइयों के खिलाफ एक स्पष्ट हमला हैं और इससे भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
विदेश मंत्रालय की हर पखवाड़े होने वाली मीडिया ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने कहा कि मंत्रालय ने एफसीआरए विधेयक पर टिप्पणियां देखी हैं। भारत से संबंधित विधायी मामले हमारे आंतरिक मामले हैं, जिन पर हमारी संसद द्वारा निर्णय लिए जाते हैं। मैं यह भी बताना चाहूंगा कि अमेरिका सहित कई ऐसे देश हैं, जो विदेशी धन के प्रवाह को नियंत्रित करते हैं।
इससे पहले गुरुवार को ईसाई समुदाय के नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर एफसीआरए विधेयक के बारे में अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल भी शाह से मिला था। ईसाई समुदाय के नेताओं ने सरकार से विधेयक वापस लेने या अध्यक्ष से इसे विस्तृत जांच के लिए संसद की संयुक्त समिति को सौंपने की सिफारिश करने का सुझाव दिया है। शाह से मुलाकात के बाद मिजोरम के मुख्यमंत्री ने कहा कि विधेयक 12 अगस्त को लोक सभा में उठाए जाने की संभावना है।
कांग्रेस ने शुक्रवार को राज्य सभा और लोक सभा में अपने सांसदों को व्हिप जारी कर 10, 11 और 12 अगस्त को संबंधित सदनों में उपस्थित रहने को कहा है। इसमें कहा गया है कि तीनों दिन संसद में अत्यंत महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी है। कांग्रेस ने इंडिया गठबंधन सहयोगियों से भी अपने सांसदों की तीन दिनों तक उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा है।
संसदीय मामलों के राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार को आगामी सप्ताह के लिए सरकार के प्रस्तावित विधायी व्यवसाय का विवरण देते हुए एफसीआरए विधेयक और महिलाओं के आरक्षण और परिसीमन को लागू करने वाले संविधान संशोधन विधेयक का कोई उल्लेख नहीं किया है। मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त हो जाएगा।
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण शुक्रवार को भी संसद की कार्यवाही बाधित रही। दोनों सदनों को एक-एक बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया।
लोक सभा ने हंगामे के बीच ही सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 को चर्चा के बिना पारित कर दिया। एक बार के स्थगन के बाद बैठक शुरू होने पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 को चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया। हंगामे के बीच ही सदन ने विधेयक को चर्चा के बिना पारित कर दिया। राज्य सभा में भी इसी तरह हंगामा जारी रहा। विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मॉनसून सत्र के दौरान संसद में गृह मंत्री की लगातार अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया।
इससे पहले दिन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। उन्होंने बिरला के कार्यालय में लगभग एक घंटा बिताया। इसके अलावा, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने संसद भवन कार्यालय में शाह से मुलाकात की।
(साथ में एजेंसियां)