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अमेरिका द्वारा भारतीय सामान पर 50 फीसदी शुल्क लगाने के करीब 5 महीने बाद दोनों देशों के बीच यह व्यापार समझौता हुआ है

Last Updated- February 03, 2026 | 10:44 PM IST
Stock Market
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते पर अनिश्चितता के बादल हटने के बाद आज शेयर बाजार खुशी से झूम उठा। बेंचमार्क सूचकांकों में आठ महीने से भी ज्यादा समय के बाद एक दिन में सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की गई। व्यापार करार से अमेरिका में भारतीय उत्पादों के निर्यात पर शुल्क 50 फीसदी से घटकर 18 फीसदी रह जाएगा जिससे निवेशकों का भरोसा काफी बढ़ा और बाजार की एक बड़ी परेशानी दूर हो गई।

सुबह के कारोबार में सेंसेक्स सरपट दौड़ा और 4,025 अंक तक उछल गया। बाद में थोड़ी बढ़त गंवा कर यह 2,073 अंक या 2.5 फीसदी की तेजी के साथ 83,739 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 639 अंक या 2.5 फीसदी चढ़कर 25,728 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब निफ्टी नए उच्च स्तर से महज 50 अंक पीछे था। दोनों सूचकांकों ने 12 मई, 2025 के बाद एक दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 12 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 467 लाख करोड़ रुपये हो गया।  

अमेरिका द्वारा भारतीय सामान पर 50 फीसदी शुल्क लगाने के करीब 5 महीने बाद दोनों देशों के बीच यह व्यापार समझौता हुआ है। इस 50 फीसदी में रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 फीसदी का शुल्क भी शामिल था। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका से खरीदारी बढ़ाने पर सहमत हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अमेरिकी सामान पर शुल्क तथा गैर -शुल्क बाधाओं को ‘शून्य’ करने की दिशा में कदम बढ़ाएगा।

बीएनपी पारिबा में कार्यकारी निदेशक और इंडिया इक्विटी रिसर्च के प्रमुख कुणाल वोरा ने कहा, ‘उम्मीद है कि वित्तीय और आईटी जैसे शेयरों को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की वापसी का सबसे ज्यादा फायदा होगा। कमाई की बात करें तो जब अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर शुल्क लगाए थे तो निफ्टी 50 की आय पर कोई खास असर नहीं दिखा था। नतीजतन, शुल्क में बदलाव से आय में बढ़ोतरी सीमित रहने की संभावना है।’

अमेरिका के साथ व्यापार करार से भारत के शेयरों को उभरते बाजारों के प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले प्रदर्शन सुधारने में मदद मिलेगी। लेकिन जानकारों ने आगाह किया कि कंपनियों की कमाई में बड़े सुधार के बिना बाजार में ऐसी तेजी बनी रहेगी, इसकी संभावना कम ही है।

मार्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के सह-संस्थापक प्रमोद गुब्बी ने कहा, ‘जब ऐसी घटनाएं होती हैं तो शुरुआती तेजी अक्सर शॉर्ट कवरिंग की वजह से आती है।’

उन्होंने कहा, ‘कुछ क्षेत्र जो सीधे तौर पर शुल्क से जुड़े है, उन्हें इसका फायदा होगा। लेकिन इतना लाभ भी नहीं होगा कि वे पूरे बाजार को ऊपर उठा सकें। अगर निर्यात ऑर्डर बढ़ते हैं तो चालू खाते के घाटे में कुछ सुधार हो सकता है जिससे रुपये की गिरावट को रोकने में मदद मिल सकती है।’

जो कंपनियों अमेरिकी बाजार में ज्यादा कारोबार करती हैं, खास तौर पर कपड़ा, परिधान, आभूषण और समुद्री उत्पादों से जुड़ी कंपनियों, उनके शेयर कारोबार की ऊपरी सीमा तक पहुंच गए हैं। एपेक्स फ्रोजन फूड्स और अवंती फीड्स के शेयर 20 फीसदी तक उछल गए। चावल निर्यातक एलटी फूड्स में 14.3 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।

अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में 1.2 से 10.6 फीसदी की तेजी आई। अदाणी एंटरप्राइजेज 10.4 फीसदी उछला जो 27 नवंबर, 2024 के बाद इसमें सबसे बड़ी बढ़त है।

First Published - February 3, 2026 | 10:44 PM IST

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