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चमड़ा उद्योग को मिलेगी उड़ान: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से निर्यातकों में उत्साह, निवेश बढ़ने की संभावना

भारत के चमड़ा निर्यात में योगदान देने वाले तीन प्रमुख राज्यों में तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का नाम शामिल है

Last Updated- February 03, 2026 | 10:31 PM IST
leather industry
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते ने चमड़ा क्षेत्र के निर्यातकों के बीच उत्साह बढ़ाया है, जो अब कई महीनों की अनिश्चितता के बाद बेहतर साल की उम्मीद कर रहे हैं। निर्यातकों का कहना है कि इसके साथ ही यूरोप के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से भारत वैश्विक ब्रांडों के लिए एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित हो जाएगा, क्योंकि कंपनियां चीन पर अपनी निर्भरता कम करने की रणनीति के तहत आपूर्ति श्रृंखला में विविधता ला रही हैं।

पूरे उद्योग में इस बदलाव को महसूस किया जा सकता है। इंडियन लेदर प्रोडक्ट्स एसोसिएशन (आईएलपीए) के अध्यक्ष एम. अजहर ने कहा, ‘तेजी आ रही है और संगठन के सभी सदस्य बेहद उत्साहित हैं। हम उम्मीद करते हैं कि 2026 भारत के चमड़ा उद्योग के लिए एक मजबूत साल साबित होगा जब ऑर्डर मिलेंगे, कारखाने बढ़ेंगे और रोजगार बढ़ेगा।’

उन्होंने आगे कहा कि ये सौदे चमड़ा, फुटवियर और नॉन-लेदर में बड़े बदलाव लाएंगे, जिससे वर्ष 2030 तक निर्यात लगभग 5 अरब डॉलर से बढ़कर 14 अरब डॉलर हो जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘पहले से ही, 10 फैक्टरियों में बड़े पैमाने पर निवेश देखा गया है और अब तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी निवेश देखा जा सकता है।’

भारत के चमड़ा निर्यात में योगदान देने वाले तीन प्रमुख राज्यों में तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का नाम शामिल है।

First Published - February 3, 2026 | 10:31 PM IST

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