facebookmetapixel
Advertisement
सोने पर 15% ड्यूटी से क्या घटेगा भारत का ट्रेड डेफिसिट? जानिए क्यों इतना आसान नहीं है यह गणिततेल संकट के बीच सरकार का बड़ा दावा! 4 साल से नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दामMSCI Index में बड़ा फेरबदल! Adani Energy और MCX की एंट्री, RVNL बाहरAirtel Q4 Results: मुनाफे में 33.5% की भारी गिरावट, ₹7,325 करोड़ पर आया नेट प्रॉफिटDA Hike: सरकार का बड़ा तोहफा! रेलवे कर्मचारियों और पेंशनर्स का DA बढ़ा, सैलरी में होगा सीधा असरस्मार्ट लाइटिंग से चमकेगा भारत! 2031 तक 24 अरब डॉलर पार करेगा स्मार्ट होम मार्केटकैबिनेट का बड़ा फैसला, नागपुर एयरपोर्ट बनेगा वर्ल्ड क्लास हब; यात्रियों को मिलेंगी नई सुविधाएंKharif MSP 2026: खरीफ फसलों की MSP में इजाफा, धान का समर्थन मूल्य ₹72 बढ़ाFMCG कंपनियों में निवेश का मौका, DSP म्युचुअल फंड के नए ETF की पूरी डीटेलUS-Iran War: चीन यात्रा से पहले ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, बोले- ‘डील करो वरना तबाही तय’

गुरु बढ़े, शिष्य घटे: शिक्षा व्यवस्था में बदला परिदृश्य, शिक्षक 1 करोड़ पार, मगर छात्रों की संख्या 2 करोड़ घटी

Advertisement

शिक्षकों की संख्या बढ़ी और निजी स्कूलों का हिस्सा मजबूत हुआ, लेकिन नामांकन घटने और कमजोर छात्र-शिक्षक अनुपात ने शिक्षा प्रणाली की चुनौतियां उजागर

Last Updated- September 05, 2025 | 11:15 PM IST
CBSE Board Exam: 10th, 12th board exams begin, more than 42 lakh students will appear
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

हर साल 5 सितंबर को मनाया जाने वाला शिक्षक दिवस केवल महान गुरुओं को याद करने और मौजूदा बेहतरीन अध्यापकों का सम्मान करने का ही दिन नहीं है, यह देश में स्कूलों, शिक्षा और इस पूरी व्यवस्था को चलाने वालों की स्थिति पर विचार करने का भी मौका होता है। ताजा आंकड़े 3 स्पष्ट पैटर्न दिखाते हैं- निजी स्कूलों में शिक्षकों की अनुपातिक हिस्सेदारी बढ़ रही है, लेकिन आधे से अधिक अभी भी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कार्यरत हैं। स्कूलों में छात्रों का नामांकन लगातार गिर रहा है। हालांकि हाल के वर्षों में छात्र-शिक्षक अनुपात में सुधार हुआ है, फिर भी यह अधिकांश वैश्विक मानकों से पीछे है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 में 50.9 प्रतिशत शिक्षक सरकारी क्षेत्र में कार्यरत हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर निजी क्षेत्र आता है, जहां लगभग 40 प्रतिशत शिक्षक काम कर रहे हैं। जबकि शिक्षकों की कुल संख्या वित्त वर्ष 2020 में 96.9 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 1.01 करोड़ हो गई, लेकिन यह वृद्धि ज्यादातर निजी स्कूलों में दर्ज की गई है।

शिक्षक बढ़े लेकिन छात्र घटे

स्कूली शिक्षा व्यवस्था में शिक्षण कार्यबल का तो विस्तार हुआ है, लेकिन छात्र आधार घटा है। स्कूलों में छात्रों का नामांकन 2019-20 में 26.5 करोड़ से गिरकर 2024-25 में 24.7 करोड़ दर्ज किया गया। यानी दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में लगभग 1.8 करोड़ की गिरावट आई है। कोविड महामारी के दौरान 2020-21 में छात्रों का नामांकन बहुत तेजी से गिरा था, लेकिन हालात सुधरने के बाद भी स्कूलों में छात्रों की संख्या नहीं बढ़ी। इसके उलट पिछले तीन वर्षों से लगातार नामांकन में गिरावट देखी जा रही है।

छात्र-शिक्षक अनुपात अधिक

छात्रों की संख्या लगातार कम होने बावजूद 2022 में देश में छात्र-शिक्षक अनुपात अधिकांश विकसित और घनी आबादी वाले देशों की तुलना में ज्यादा दर्ज किया गया था। देश का प्राथमिक स्तर पर छात्र और शिक्षकों का अनुपात 23 था।

Advertisement
First Published - September 5, 2025 | 11:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement