केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने आगामी 17 फरवरी से शुरू होने जा रही 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं में ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) की शुरुआत करने की घोषणा की है। कक्षा 10 की परीक्षाओं का मूल्यांकन पहले की तरह ही होगा।
मंगलवार को सभी प्राचार्यों और सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों के प्रमुखों को भेजे गए एक पत्र में परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा कि यह कदम बोर्ड के दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के निरंतर प्रयास का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के कारण परिवहन समय और लागत में बचत होगी तथा शिक्षक अपने विद्यालयों में बने रहकर नियमित कामकाज जारी रख सकेंगे।
इस विषय में जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि विद्यालयों से कहा गया है कि वे कंप्यूटर लैब की तैयारी सुनिश्चित करें, जिसमें सार्वजनिक स्थिर इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) पते हों, साथ ही विंडोज ओएस 8 या उससे ऊपर वाले डेस्कटॉप और लैपटॉप, 4 गीगाबाइट (जीबी) या उससे अधिक रैम और सी ड्राइव पर 1 जीबी खाली स्थान, तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो।
अधिकारी ने आगे कहा, ‘सुव्यवस्थित क्रियान्वयन को सुगम बनाने के लिए, सीबीएसई सभी शिक्षकों को, जिनके पास ऑनलाइन अफिलिएटेड स्कूल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (ओएसिस) आईडी है, लॉगिन करने और प्रणाली से परिचित होने की अनुमति देगा।
सीबीएसई अभ्यास के लिए कई ड्राई रन आयोजित करेगा, प्रणाली को समझाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा और बेहतर समझ के लिए निर्देशात्मक वीडियो जारी करेगा। बोर्ड समस्या समाधान के लिए एक कॉल सेंटर भी स्थापित करेगा। बोर्ड ने जोड़ा कि कक्षा 11वीं और 12वीं के सभी शिक्षकों को ओएसएम मूल्यांकन के लिए तैनात किया जाएगा ताकि मूल्यांकन कार्य और परिणामों की घोषणा समय पर पूरी हो सके। सीबीएसई ने कहा कि ‘इसके लिए उन्हें ओएसएम पोर्टल तक पहुंचने के लिए लॉग-इन क्रेडेंशियल दिए जाएंगे।’
बोर्ड ने कहा कि वह भारत और 26 देशों में हर साल कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं आयोजित करता है। इनमें करीब 46 लाख बच्चे शामिल होते हैं। हालांकि कक्षा 10 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 2026 में भी पहले की तरह ही होगा।
भारद्वाज ने कहा कि ओएसएम के साथ, परिणाम के बाद अंकों का सत्यापन अब आवश्यक नहीं होगा।