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हिंद महासागर में भारत का बड़ा कदम: सेशेल्स के लिए 17.5 करोड़ डॉलर के आर्थिक पैकेज का ऐलान

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PM मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति राष्ट्रपति हर्मीनी की मुलाकात के बाद भारत ने 1,000 टन अनाज और दलहन देने का भी ऐलान किया

Last Updated- February 09, 2026 | 10:51 PM IST
Seychelles
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मीनी | फोटो: X @narendramodi

भारत ने सेशेल्स के लिए 17.5 करोड़ डॉलर के ‘विशेष आर्थिक पैकेज’ की घोषणा की है। सोमवार को हुई घोषणा में इस द्वीप राष्ट्र की खाद्य सुरक्षा के लिए 1,000 टन अनाज और दलहन भी शामिल हैं। पिछले कुछ महीनों में ‘पड़ोस पहले’ की अपनी नीति के अनुरूप भारत ने अपने छोटे पड़ोसियों की मदद के लिए इसी तरह की सहायता की घोषणाएं की हैं। भारत ने श्रीलंका को चक्रवात दितवाह से उबरने के लिए 45 करोड़ डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज की घोषणा की है और इस पर कार्यान्वयन शुरू कर दिया है। सितंबर में भारत ने मॉरीशस के लिए 68 करोड़ डॉलर की वित्तीय सहायता की घोषणा की और भूटान, मालदीव, नेपाल और अफगानिस्तान के लिए भी सहायता का ऐलान कर चुका है।

सोमवार को भारत और सेशेल्स (पूर्वी अफ्रीका से दूर 100 से अधिक द्वीपों से मिलकर बना हिंद महासागर में एक द्वीपसमूह) ने सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों ने ‘बढ़े हुई संपर्क तंत्र के माध्यम से स्थिरता, आर्थिक विकास और सुरक्षा के लिए एक संयुक्त दृष्टिकोण’ अपनाने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस द्वीप राष्ट्र के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मीनी के साथ व्यापक बातचीत के बाद सेशेल्स में एक हाइड्रोग्राफिक इकाई स्थापित करने में सहायता करने की प्रतिबद्धता भी जताई।

सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के लिए एक अहम समुद्री पड़ोसी है। हर्मीनी भारत की छह दिवसीय यात्रा पर हैं जो मंगलवार को समाप्त होगी। हर्मीनी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आर्थिक पैकेज सामाजिक आवास, गतिशीलता, व्यावसायिक प्रशिक्षण, स्वास्थ्य, रक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में ‘ठोस परियोजनाओं’ का समर्थन करेगा। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध बढ़ाने का भी जिक्र किया।

वर्ष 1770 में पांच भारतीयों के एक छोटे समूह ने सात अफ्रीकी गुलामों और 15 फ्रांसीसी उपनिवेशवादियों के साथ बागान श्रमिकों के रूप में सेशेल्स में प्रवेश किया और उन्हें द्वीपों के पहले निवासियों के रूप में दर्ज किया गया।

सेशेल्स की नागरिकता प्राप्त भारतीय मूल के लोगों या पीआईओ की संख्या लगभग 5000 होने का अनुमान है जो लगभग 1,20,000 की कुल आबादी वाले इस देश के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण है। पीआईओ समुदाय व्यापार और निर्माण क्षेत्रों पर अच्छी पकड़ रखते हैं। 7,000 से अधिक प्रवासी भारतीय भी हैं जिनके पास ‘लाभकारी रोजगार परमिट’ हैं। इनमें ज्यादातर निर्माण क्षेत्र में श्रमिक, दुकान सहायक और पेशेवर हैं।

प्रधानमंत्री की 10-11 मार्च 2025 को सेशेल्स की आधिकारिक यात्रा पर गए थे। यह पिछले 34 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली भारत यात्रा थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार सेशेल्स के साथ द्विपक्षीय व्यापार और वाणिज्य काफी मामूली है।

सेशेल्स के राष्ट्रपति की भारत की राजकीय यात्रा उनके उद्घाटन के लगभग सौ दिन बाद हुई है। मोदी और हर्मीनी की बातचीत के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि भारत और सेशेल्स की लंबे समय से चली आ रही और बहुआयामी द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने, विस्तारित करने और गहरा करने की साझा प्रतिबद्धता जताई गई है।

भारत ने सेशेल्स में एक नए अस्पताल के निर्माण में सहयोग करने का वादा किया है।

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First Published - February 9, 2026 | 10:51 PM IST

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