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लोक सभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष, राहुल गांधी की मांग पर अड़ी विपक्षी पार्टियां

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लोक सभा में विपक्ष के विरोध के कारण कोई कामकाज नहीं हो सका वहीं राज्यसभा ने बजट पर चर्चा शुरू की

Last Updated- February 09, 2026 | 10:59 PM IST
Om Birla
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला | फाइल फोटो

संसद में एक दिन में कई घटनाक्रम देखने को मिले। सोमवार को एक ओर विपक्ष ने लोक सभा अध्यक्ष को हटाने के लिए एक प्रस्ताव पेश करने का इरादा जाहिर किया वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के एक सदस्य की आलोचना को गलत बताते हुए जवाब दिया जिन्होंने कहा था कि 2026-27 के केंद्रीय बजट में तमिलनाडु को नजरअंदाज किया गया है

लोक सभा में विपक्ष के विरोध के कारण कोई कामकाज नहीं हो सका वहीं राज्यसभा ने बजट पर चर्चा शुरू की। बहस में भाग लेते हुए, तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी द्रमुक और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दल अन्नाद्रमुक ने अपने राज्य के लिए की गई घोषणाओं और परियोजनाओं को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साधा। राज्य में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

अपने भाषण में, द्रमुक सांसद पी विल्सन ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से ‘तमिलनाडु के प्रति निष्पक्ष रहने’ की अपील की। उन्होंने सरकार पर ‘एकतरफा’ व्यापार समझौता करने में अमेरिका के सामने ‘पूरी तरह से समर्पण’ करने का भी आरोप लगाया और मांग की कि वह समझौते की विशिष्ट जानकारी को सार्वजनिक करे।

जवाब में, निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट में कई घोषणाएं की गई हैं, जिनमें ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’और हर जिले में लड़कियों के छात्रावास शामिल हैं जिनसे राज्य को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि द्रमुक सांसद ने बिना किसी आधार के बयान दिया है जो बिल्कुल सही नहीं है और इसका बजट से कोई संबंध भी नहीं है जबकि केवल आठ दिन पहले बजट पेश किया गया था। उन्होंने नारियल योजना और मछुआरों से संबंधित अन्य बजट घोषणाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे अन्य राज्यों के साथ तमिलनाडु को भी लाभ होगा।

राज्यसभा में बजट पर चर्चा शुरू करते हुए, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने सरकार से 2025-26 में पूंजीगत व्यय में कटौती करने पर सवाल उठाया खासतौर पर ऐसे माहौल में जब सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र और विदेशी निवेशक भारत में निवेश नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने केंद्रीय बजट 2026-27 को ‘भूलने योग्य बजट” करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि और ग्रामीण विकास के लिए आवंटन में कटौती की है। चिदंबरम ने कहा, ‘यह एक भूल जाने योग्य बजट है। यह एक ऐसा बजट जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तैयार किया है जो पिछले साल इस सदन में किए गए अपने वादों को भूल गईं।’

लोक सभा की कार्यवाही सोमवार दोपहर को दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई क्योंकि विपक्ष के नेता राहुल गांधी की इस मांग पर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी रहा कि उन्हें केंद्रीय बजट पर चर्चा शुरू होने से पहले बोलने की अनुमति दी जाए। दो स्थगन के बाद जब सदन के सत्र की शुरुआत दोपहर 2 बजे हुई तब सभापति संध्या राय ने कांग्रेस सदस्य शशि थरूर को बजट पर बहस शुरू करने के लिए कहा। थरूर ने सभापति से कहा कि विपक्ष के नेता होने के नाते राहुल गांधी को बजट भाषण शुरू करने से पहले कुछ मुद्दे उठाने की अनुमति दी जानी चाहिए।

राय ने कहा कि अगर राहुल बजट पर बोलना चाहते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है और उन्होंने उनसे शुरू करने के लिए कहा। राहुल ने कहा कि लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला और कुछ विपक्षी सांसदों के बीच एक बैठक में एक समझौता हुआ था कि उन्हें बजट चर्चा से पहले कुछ मुद्दे उठाने की अनुमति दी जाएगी लेकिन अब अध्यक्ष अब अपने वादे से मुकर रही है।

राय ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी भी बात की जानकारी नहीं है और वह बिना सूचना के किसी को भी कोई मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं दे सकती हैं। इस मुद्दे पर संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ है और अगर विपक्ष के नेता को लोक सभा अध्यक्ष के बारे में कुछ कहना है, तो बिरला को भी जवाब देने के लिए सदन में मौजूद होना चाहिए। जब दोनों पक्षों ने झुकने से इनकार कर दिया तब राय ने सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया।

संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए, राहुल ने कहा कि जो लोग दावा कर रहे हैं कि पिछले गुरुवार को कांग्रेस की महिला सांसदों से प्रधानमंत्री को खतरा था तब उन्हें मोदी को धमकी देने वाले व्यक्तियों के खिलाफ ‘एफआईआर दर्ज करनी चाहिए’।

उन्होंने कहा कि सरकार अमेरिका के साथ हुए करार के मुद्दे और इसे किस तरह से अंजाम दिया गया और किसानों पर इसके प्रभाव के कारण बजट पर चर्चा करने से डर रही है। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री के लोक सभा में नहीं आने और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब नहीं देने का कारण ‘यह है कि वह सच्चाई का सामना नहीं कर सकते’ और ‘(पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे) नरवणे की किताब’ का डर है।

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First Published - February 9, 2026 | 10:59 PM IST

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