facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

भारत से जुड़ने को बेताब दुनिया, कांग्रेस कभी मेरी कब्र नहीं खोद पाएगी; राज्यसभा में बोले PM मोदी

Advertisement

पीएम ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विपक्षी चुनावी हार को पचा नहीं पा रहा है और उनके प्रति गहरी नफरत रखने के बावजूद वह कभी उनकी कब्र नहीं खोद पाएगा।

Last Updated- February 06, 2026 | 9:09 AM IST
PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू) और अमेरिका के साथ भारत के हालिया व्यापार सौदे युवाओं तथा छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) के लिए अपार अवसरों के द्वार खोलेंगे। उन्होंने कहा कि जैसा द्वितीय विश्व युद्ध के बाद देखने को मिला था, ठीक उसी तरह अब एक नई विश्व व्यवस्था आकार ले रही है, लेकिन इस बार यह भारत की ओर झुक रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नए उभरते घटनाक्रम के बाद दुनिया स्थिरता के बारे में अधिक आश्वस्त महसूस कर रही है। उन्होंने भारतीय निर्माताओं से आग्रह किया कि भले ही उन्हें कम मुनाफा मिले, फिर भी वे अपने उत्पादों की गुणवत्ता से समझौता न करें। अच्छी गुणवत्ता के उत्पाद बनाने पर ध्यान केंद्रित करें। मोदी ने कहा कि पहले किसी भी अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रम पर अधिकांश टिप्पणियों में कहा जाता था कि ‘भारत ने मौका गंवा दिया’ है, लेकिन अब दुनिया भर के देशों का मानना है कि अगर भारत के साथ जुड़ नहीं पाए तो वे मौका गंवा देंगे।

राज्य सभा में गुरुवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपने 97 मिनट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया अब भारत के एसएमई क्षेत्र पर भरोसा करती है। उनकी सरकार ने देश को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए नीतियों का पालन किया है। हाल ही में किए गए व्यापार सौदों से साफ संदेश है कि भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह तैयार है।

कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच भाषण शुरू करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का तेज आर्थिक विकास और कम मुद्रास्फीति दुर्लभ संयोग है। पिछले कुछ समय में विश्व के नौ बड़े देशों के साथ हमारे समझौते हुए हैं और उसमें ‘मदर ऑफ आल डील’ में यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ बड़ा समझौता हुआ है। उन्होंने कहा, ‘विकसित देश अपने आप भारत के साथ व्यापार समझौता करने आ रहे हैं। ऐसे में साफ दिख रहा है कि जिस तरह दूसरे विश्व युद्ध के बाद नए रास्ते खोजे गए थे, ठीक उसी तरह अब दुनिया एक नई वैश्विक व्यवस्था की ओर आगे बढ़ रही है।’

अपने भाषण के बीच वाकऑउट करने वाले विपक्षी दलों के सदस्यों की ओर इशारा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग थककर चले गए, कभी न कभी उनको जवाब देना पड़ेगा कि देश की कैसी हालत बनाकर रखी थी। कोई देश अपने आप हमारे साथ समझौता करने नहीं आता था। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह तब होता है जब देश में आर्थिक सामर्थ्य हो, देशवासियों में ऊर्जा हो, विशेषकर निर्माण गतिविधियों के लिए मजबूत आर्थिक तंत्र हो, तब जाकर विश्व आपके साथ समझौता करने के लिए आगे आता है।

मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में इस देश के मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाओं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने कहा, ‘अभिभाषण में इसकी भी चर्चा की गई है कि देश के नौजवान भारत के सामर्थ्य को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि सरकार ने सूक्ष्म एवं लघु उद्योग (एमएसएमई) नेटवर्क पर पूरा ध्यान दिया है। उन्होंने अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ भारत के व्यापार समझौतों का हवाला देते हुए कहा कि जब ईयू के साथ समझौता हुआ तो लोगों को लगा कि वैश्विक स्तर पर स्थिरता की संभावना बढ़ेगी। मोदी ने कहा, ‘अमेरिका के साथ व्यापार समझौता होने के बाद विश्व को और भरोसा हो गया कि जो स्थिरता का एहसास हो रहा था, अब गति का भी एहसास होने लगा है। यह विश्व के लिए शुभ संकेत है।’

कांग्रेस कभी मेरी कब्र नहीं खोद पाएगी

प्रधानमंत्री ने भाषण के दौरान कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विपक्षी दल लगातार चुनावी हार को पचा नहीं पा रहा है और उनके प्रति गहरी नफरत रखने के बावजूद वह कभी उनकी कब्र नहीं खोद पाएगा।

राज्य सभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने लोक सभा में विपक्षी दल द्वारा डाले गए व्यवधान पर खेद जताया और कहा कि यह न केवल एक आदिवासी और महिला राष्ट्रपति का, बल्कि उनके सर्वोच्च संवैधानिक पद और संविधान का भी अपमान है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर राहुल गांधी की ‘गद्दार’ टिप्पणी की भी निंदा की और इसे पूरे सिख समुदाय का अपमान बताया।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग ‘मोहब्बत की दुकान’ की बात करते हैं, वे ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगा रहे हैं, जो चुनावी हार से उत्पन्न उनकी हताशा को उजागर करता है। उन्होंने कहा,’यह कैसी मोहब्बत की दुकान है? उन्होंने यह कौन से संविधान से सीखा है? क्या यह संविधान का अपमान नहीं है?’

घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप

प्रधानमंत्री मोदी ने तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने तृणमूल को निशाना बनाते हुए आरोप लगाया कि वे घुसपैठियों को संरक्षण देने की कोशिश कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने चर्चा के दौरान केंद्र सरकार के विरोध में काफी कुछ कहा, ‘किंतु वे अपने गिरेबान में भी देखें। पतन के जितने भी मानक हैं, सब मानकों में नए-नए रिकार्ड बनाते जा रहे हैं और यहां उपदेश दे रहे हैं।’

चुनावी रैली की तरह भाषण : कांग्रेस

विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सभा में चुनावी रैली की तरह भाषण दिया, जिसमें उनकी आत्ममुग्धता और ‘डायलॉगबाजी’ देखने को मिली। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘आज राज्य सभा में प्रधानमंत्री का एक और 97 मिनट का चुनावी रैली जैसा भाषण देखने को मिला। हमेशा की तरह यह भाषण गालियों और हमलों, तथ्यों की तोड़-मरोड़, नाटकीयता, इशारों और अपमानजनक टिप्पणियों से भरा था। इसमें उनके हमेशा की तरह खुल्लमखुल्ला और बेशर्म झूठ भी शामिल थे।’ रमेश ने दावा किया, ‘उनकी आत्ममुग्धता और डायलॉगबाजी के प्रति उनकी आसक्ति पूरे भाषण में साफ तौर पर दिखाई दी।’

Advertisement
First Published - February 6, 2026 | 9:09 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement