facebookmetapixel
Advertisement
महाराष्ट्र में 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ, 56 लाख किसानों को मिलेगा बड़ा फायदाMilitary Drone Deal: भारत की सबसे बड़ी ड्रोन डील की तैयारी! 2 अरब डॉलर से ज्यादा के ऑर्डर संभवVeg-Non veg Thali: पश्चिम एशिया संकट और गर्मी ने बढ़ाई थाली की लागत, मई में शाकाहारी-मांसाहारी थाली हुई महंगीCabinet Decision: ₹24,000 करोड़ से ज्यादा के 4 हाईवे प्रोजेक्ट मंजूर, इन राज्यों को होगा बड़ा फायदा Cabinet Decision: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर बड़ा प्रहार, पुराने ट्रक-बस बदलने को ₹9,585 करोड़ की योजना मंजूरSuzlon 2.0: बैटरी स्टोरेज बिजनेस में उतरेगी कंपनी, FY31 तक 10 GW सेल्स और 70 GW AUM का लक्ष्य99% तैयार है भारत-अमेरिका ट्रेड डील, बाकी बचे 1% गतिरोध को दूर करने की कोशिश जारी: सर्जियो गोरलोन की EMI ने बिगाड़ दिया बजट? एक्सपर्ट ने बताए पैसे बचाने के आसान उपायCabinet Decision: एयरलाइंस को बड़ी राहत, ATF कीमतें थामने के लिए OMCs को ₹10,000 करोड़ की मददग्रीन एनर्जी से रोजगार की रोशनी, 2030 तक 44 लाख नौकरियों की उम्मीद

रूसी तेल नहीं खरीदने पर भारत ने जताई प्रतिबद्धता: व्हाइट हाउस का दावा, रूस बोला—योजना में कुछ नया नहीं

Advertisement

रूस ने बुधवार को कहा कि तेल आपूर्ति में विविधता लाने की भारत की घोषणा में उसे कुछ नया नहीं नजर आ रहा है।

Last Updated- February 05, 2026 | 9:59 AM IST
crude oil

अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने कहा कि भारत ने रूसी तेल की खरीद बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रमुख अमेरिकी क्षेत्रों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश पर भी सहमति व्यक्त की है। यह बयान ‘व्हाइट हाउस’ की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने मंगलवार को दिया।

कैरोलाइन ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, ‘राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) ने भारत के साथ एक और बड़ा व्यापार समझौता किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की। दोनों देशों के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। भारत न केवल रूस से तेल खरीदना बंद करने के लिए प्रतिबद्ध है बल्कि अमेरिका से तेल खरीदने के लिए भी प्रतिबद्ध है। संभवतः वेनेजुएला से भी जिससे हमें पता है कि अब अमेरिका और अमेरिकी जनता को सीधा लाभ होगा।’

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका में 500 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इसमें परिवहन, ऊर्जा एवं कृषि उत्पाद भी शामिल हैं। इसलिए राष्ट्रपति ट्रंप की बदौलत यह एक और शानदार व्यापार समझौता है।

इस बीच, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने मंगलवार को ‘सीएनबीसी स्क्वॉक बॉक्स’ के साथ साक्षात्कार में व्यापार समझौते के तहत भारत के अमेरिकी औद्योगिक व कृषि उत्पादों, जैसे कि ’फल व सब्जियां’ पर शुल्क घटाकर शून्य प्रतिशत करने को ‘बड़ी जीत’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘हम कागजी कार्रवाई पूरी कर लेंगे लेकिन हमें सारी बारीकियां पता हैं।’

ग्रीर ने कहा कि भारत के साथ औद्योगिक वस्तुओं पर वर्तमान में औसत शुल्क करीब 13.5 प्रतिशत है। उन्होंने कहा, ‘यह सभी वस्तुओं पर लगभग शून्य हो जाएगा। लगभग कहने का मेरा मतलब 98-99 फीसदी से है। कृषि क्षेत्र में कृषि उत्पादों की विशाल श्रृंखला है। इसलिए यह शुल्क शून्य हो जाएगा।’

भारत की योजना में कुछ नया नहीं : रूस

रूस ने बुधवार को कहा कि तेल आपूर्ति में विविधता लाने की भारत की घोषणा में उसे कुछ नया नहीं नजर आ रहा है। उसने कहा कि भारत हमेशा से विभिन्न देशों से तेल खरीदता रहा है, जिसमें रूस भी शामिल है।

इसके पहले भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि बदलते वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए भरात अपने ऊर्जा के स्रोतों में विविधता लाएगा, जिसका मकसद देश के नागरिकों के लिए ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा सोमवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के बाद गोयल का यह बयान आया है। ट्रंप ने कहा था कि भारत, रूस से तेल की खरीद रोक रहा है, लेकिन भारत ने सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है।

भारत की तेल खरीद योजना के बारे में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेश्कोव ने कहा कि हर कोई जानता है कि रूस, भारत का एकमात्र तेल आपूर्तिकर्ता नहीं है। भारत की तेल खरीद योजना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘केवल हम नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मामलों के सभी विशेषज्ञ जानते हैं कि रूस एकमात्र भारत का तेल व पेट्रोलियम उत्पादों का आपूर्तिकर्ता नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘भारत ने हमेशा इन उत्पादों की खरीदारी अन्य देशों से की है। यही वजह है कि हम इस मामले में कोई नई बात नहीं नजर आ रही है।’

Advertisement
First Published - February 5, 2026 | 9:59 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement