Aye Finance IPO: नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी आय फाइनेंस का आईपीओ खुलने के लिए तैयार है। इश्यू 9 फरवरी से अप्लाई करने के लिए खुलेगा। कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए 122 से 129 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। एनबीएफसी कंपनी ने आईपीओ के जरिए कंपनी कुल 1,010 करोड़ रुपये जुटाने का टारगेट रखा है। इश्यू के तहत 710 करोड़ रुपये के 5.5 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। जबकि 300 करोड़ रुपये तक के 2.33 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है।
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) के अनुसार, अल्फा वेव इंडिया, एमएजे इन्वेस्ट फाइनेंशियल इनक्लूजन फंड II, कैपिटलजी और एलजीटी कैपिटल इन्वेस्ट मॉरीशस पीसीसी कॉरपोरेट बेचने वाले शेयरधारक हैं, जबकि विक्रम जेटली इंडिविजुअल बेचने वाले शेयरहोल्डर हैं।
आय फाइनेंस एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (एनबीएफसी) है। यह कंपनी देशभर में छोटे और मझोले कारोबारियों को कर्ज देती है। कंपनी कामकाज चलाने और बिजनेस बढ़ाने के लिए लोन देती है। ये लोन मशीन, स्टॉक जैसे कामकाजी सामान की गारंटी पर या प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर दिए जाते हैं। आय फाइनेंस मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग, सर्विस और इससे जुड़े कृषि क्षेत्रों में काम करने वाले ग्राहकों को कर्ज देती है। 30 सितंबर 2025 तक कंपनी के 18 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 5.86 लाख से ज्यादा सक्रिय ग्राहक थे। इस दौरान कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 6,027.62 करोड़ रुपये था।
आय फाइनेंस का आईपीओ सोमवार, 9 फरवरी को निवेश के लिए खुलेगा और बुधवार, 11 फरवरी 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की अवधि इश्यू खुलने से एक दिन पहले, यानी शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को होगी। शेयरों का अलॉटमेंट गुरुवार, 12 फरवरी को तय होने की उम्मीद है। आय फाइनेंस के शेयरों की लिस्टिंग नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बीएसई पर संभावित रूप से सोमवार, 16 फरवरी को होगी।
निवेशक न्यूनतम एक लॉट के लिए बोली लगा सकते हैं। इसमें 116 शेयर होंगे। इसके हिसाब से अपर प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए रिटेल निवेशक को कम से कम 14,964 रुपये का निवेश करना होगा। इसके बाद बोली इसी के मल्टिपल में लगाई जा सकती है। कंपनी ने नेट ऑफर का 75 प्रतिशत हिस्सा योग्य संस्थागत निवेशकों (QIBs), 15 प्रतिशत नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NIIs) और 10 प्रतिशत रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखा है।
ग्रे मार्केट में आय फाइनेंस आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में हलचल देखने को मिल रही है। आय फाइनेंस के नॉन-लिस्टेड शेयर गुरुवार को ग्रे मार्केट में 134 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे। यह इश्यू प्राइस से 5 रुपये या करीब 4% फीसदी ज्यादा है।
आरएचपी के मुताबिक, फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपनी पूंजी मजबूत करने के लिए करेगी। यह पैसा कारोबार और एसेट्स के बढ़ने से जुड़ी भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में काम आएगा। इसके अलावा, शेयर बाजार में लिस्टिंग से कंपनी को और भी फायदे मिलने की उम्मीद है। इससे कंपनी का ब्रांड नाम मजबूत होगा और भारत में उसके शेयरों के लिए एक सार्वजनिक बाजार बनेगा।