इंधन स्विच के कट-ऑफ की आशंका होने के बाद एयर इंडिया के विमान बोइंग 787-8 को 2 फरवरी को खड़ा कर दिया गया है। इस घटना से पिछले साल जुलाई में अहमदाबाद में इसी तरह की दिक्कत के बाद हुए विमान हादसे की यादें ताजा हो गईं। पिछले साल मार्च तक भारत के पास 181 बोइंग विमान थे, जिनमें 35 विमान 787 श्रेणी के थे, जो 34 विमान एयर इंडिया और एक इंडिगो के पास है।
वर्ष 2019 से 2024 के बीच वैश्विक स्तर पर 906 हादसे हुए , जिनमें 26 फीसदी बोइंग उड़ानों के साथ सामने आए। इस दौरान भारत में भी बोइंग उड़ानों के साथ भी 7 हादसे हुए। जिन उड़ानों के साथ हादसे पेश आए, उनमें बी787, बी717 और बी737 श्रेणी के विमान थे।
प्रति 10,000 उड़ान घंटों में विमानों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करने वाली घटनाएं 2021 से 2023 के बीच तेजी से बढ़ी हैं। बोइंग बी777 के साथ यह आंकड़ा 0.9 से बढ़कर 15.5 हो गया जबकि बोइंग बी787 के साथ इस तरह की गंभीर घटनाएं 3.3 से बढ़कर 13.7 हुईं तथा बॉम्बार्डियर क्यू400 के साथ इस अवधि में दुर्घअनाओं का आंकड़ा 8.6 से बढ़कर 10.9 पहुंच गया।
भारत में बोइंग बेड़े में 2022-23 से 2024-25 के बीच बी737 और बी777 श्रेणी के विमान शामिल किए गए। इस दौरान बी787 की संख्या तेजी से घटी लेकिन फिर भी यह 20 फीसदी रही। वर्ष 2023 में बोइंग विमानों के साथ सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं, घटनाएं या जोखिम के मामले सबसे ज्यादा 60 फीसदी सिस्टम कंपोनेंट के फेल होने से जुड़े थे। वर्ष 2019 से 2023 के बीच वैश्विक स्तर पर 240 हादसे बोइंग विमानों के साथ हुए। इनमें 54 फीसदी घटनाएं बी737 तथा 10 फीसदी बी777 और बी787 के साथ हुईं।