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‘वेनेजुएला हमारा पुराना ऊर्जा साझेदार’

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विदेश मंत्रालय ने कहा- भारत ऊर्जा सुरक्षा के लिए व्यावसायिक रूप से लाभकारी किसी भी तेल आपूर्तिकर्ता से खरीद को तैयार

Last Updated- February 06, 2026 | 9:22 AM IST
Oil Price Surge
Representational Image

भारत ने गुरुवार को कहा कि वेनेजुएला लंबे समय से उसका ऊर्जा साझेदार रहा है और उसने 2019-20 और 2023-24 में भी वेनेजुएला से तेल खरीदा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अपने नजरिये के अनुरूप ही भारत वेनेजुएला सहित कच्चे तेल के किसी भी आपूर्तिकर्ता से तेल खरीदने को तैयार है जो वाणिज्यिक रूप से व्यवहार्य हो।’ अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि भारत ईरान के बजाय वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदने को तैयार हो गया है।

जायसवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वेनेजुएला ‘ऊर्जा के व्यापार और निवेश दोनों क्षेत्रों में’ भारत का ‘पुराना साझेदार’ रहा है।
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि वेनेजुएला वित्त वर्ष 2019–20 तक भारत के कच्चे तेल के प्रमुख स्रोतों में से एक था, जिसे प्रतिबंधों के बाद रोक दिया गया। वित्त वर्ष 2023–24 में वेनेजुएला से आयात फिर शुरू हुआ, लेकिन प्रतिबंधों के पुनः लागू होने के कारण दोबारा रोक दिया गया।

जायसवाल ने कहा, ‘भारत की ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण के अनुरूप, भारत किसी भी नए कच्चे तेल आपूर्ति विकल्पों के व्यावसायिक लाभों का पता लगाने के लिए खुला है, जिसमें वेनेजुएला भी शामिल है।’ उन्होंने कहा कि भारत की सरकारी कंपनियों ने वेनेजुएला की राष्ट्रीय तेल कंपनी पीडीवीएसए के साथ साझेदारी स्थापित की है और भारत की सरकारी कंपनियां 2008 से वहां मौजूद हैं।

अमेरिका के इस दावे पर कि भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद करने पर सहमति जताई है, जायसवाल ने कहा, ‘जहां तक भारत की ऊर्जा आपूर्ति का सवाल है, सरकार ने कई अवसरों पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।’

उन्होंने कहा, ‘बाजार की वास्तविक परिस्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्यों के अनुरूप हमारी ऊर्जा आपूर्ति का विविधीकरण करना हमारी रणनीति का मूल है ताकि इसे सुनिश्चित किया जा सके।’ उन्होंने कहा, ‘भारत की सभी कार्रवाइयां इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर की गई हैं और की जाएंगी।’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के संबंध में पिछले वर्ष के अंत में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से गुप्त बैठक की थी। जायसवाल ने कहा, ‘मैं कहना चाहूंगा कि वे रिपोर्ट निराधार हैं। ऐसी कोई बैठक या ऐसी कोई यात्रा नहीं हुई है।

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First Published - February 6, 2026 | 9:22 AM IST

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