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एडवर्ब जल्द लॉन्च करेगी भारत का पहियों वाला ह्यूमनॉइड रोबॉट

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चीन की तुलना में अधिक कीमत को सही ठहराते हुए कुमार ने कहा कि केवल कीमत ही औद्योगिक खरीद से जुड़े फैसले को प्रभावित नहीं करती है।

Last Updated- February 06, 2026 | 9:01 AM IST
Robotics firm Addverb eyes Rs 8,000 crore revenue in five years

देश की सबसे बड़ी स्वदेशी रोबोटिक्स कंपनी एडवर्ब टेक्नोलॉजीज औद्योगिक इस्तेमाल के लिए भारत में बने पहियों वाला ह्यूमनॉइड रोबॉट व्यावसायिक रूप से लॉन्च करने की तैयारी की है। इस कंपनी में रिलायंस की 54 प्रतिशत हिस्सेदारी है। रोबॉट पहले भारत में उतारा जाएगा, फिर वैश्विक बाजारों में। इसकी कीमत यूरोप और जापान की प्रतिस्पर्धी कंपनियों के रोबॉट से कम होगी, लेकिन चीन की तुलना में अधिक होगी।

कंपनी की कीमत रणनीति के बारे में एडवर्ब के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संगीत कुमार ने कहा, ‘चीन का एक अच्छा ह्यूमनॉइड रोबॉट लगभग 50-75 लाख रुपये में उपलब्ध है जबकि यूरोप और जापान के रोबॉट की कीमत लगभग 1 से 1.5 करोड़ रुपये के बीच है। हम अपनी कीमत इन दोनों के बीच रखने की योजना बना रहे हैं। इस रोबॉट को बनाने में डेढ़ साल लगा।’

चीन की तुलना में अधिक कीमत को सही ठहराते हुए कुमार ने कहा कि केवल कीमत ही औद्योगिक खरीद से जुड़े फैसले को प्रभावित नहीं करती है। उन्होंने कहा, ‘सबसे अहम बात यह है कि 20 साल के जीवन वाले उत्पाद में सेवा और भरोसे का आश्वासन होना चाहिए। ऐसी कई रिपोर्ट आई हैं कि चीन के रोबॉट डेटा एकत्र कर रहे हैं और उन्हें चीन में सर्वरों को भेज रहे हैं। हम अधिक कीमत लेंगे क्योंकि हम दुनिया के लिए आपूर्ति का भरोसेमंद स्रोत हैं।’

उन्होंने कहा कि एडवर्ब जापान और यूरोप के कलपुर्जों का उपयोग करता है, जिन्हें चीन के पुर्जों की तुलना में अधिक विश्वसनीय माना जाता है। चीनी पुर्जे अधिकांशत: चीन में ही बनाए जाते हैं। कुमार ने हाल ही में घोषित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का भी जिक्र किया जिसके तहत भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ को 50 से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि चीन के सामान पर आयात शुल्क 31 प्रतिशत बना हुआ है, जिससे भारतीय निर्माताओं को प्रतिस्पर्धा की बढ़त मिलती है।

एडवर्ब की योजना पहले वर्ष में 100 ह्यूमनॉइड रोबॉट बनाने की है ताकि पांच से छह प्रमुख घरेलू ग्राहकों के साथ मांग का परीक्षण किया जा सके। दूसरे वर्ष में उत्पादन 500 यूनिट और तीसरे वर्ष में 2,000 यूनिट तक बढ़ने की उम्मीद है। कुमार ने कहा कि वैश्विक मांग के आधार पर यह समय-सीमा तेज हो सकती है। वर्तमान में वैश्विक ह्यूमनॉइड रोबॉट बाजार लगभग 10,000 यूनिट का है। इसमें भारत में सिर्फ 100-200 यूनिट हैं।

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First Published - February 6, 2026 | 9:01 AM IST

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