facebookmetapixel
Advertisement
Cryptocurrency से हुई कमाई? ITR Filing से पहले समझ लें टैक्स के नियम!Share Market: सेंसेक्स 331 अंक टूटा, निफ्टी 23,767 पर बंद! अब क्या करें निवेशक?National Testing Agency के 47 अफसरों को सरकार ने किया बर्खास्त, कुछ अधिकारियों पर होगी क्रिमिनल कार्रवाईBank of India Q1 Results: मुनाफा ₹3,068 करोड़ पर पहुंचा, NII में 12.61% की बड़ी बढ़ोतरीTata Consumer Q1 Results: Q1 में मुनाफा 29% बढ़कर ₹427 करोड़ हुआ, रेवेन्यू भी 12% उछलाUTI म्यूचुअल फंड ने WhatsApp पर शुरू की निवेश और पेमेंट की सुविधा, ऐप बदले बिना पूरा होगा निवेशक्या सिर्फ PF के भरोसे सुरक्षित रहेगा आपका रिटायरमेंट? एक्सपर्ट्स ने समझें निवेश का सही फॉर्मूलाभारत में बैटरी बनेगी तो क्या EV सस्ती हो जाएगी? सरकार के प्लान की पूरी सच्चाईकेमिकल सेक्टर के लिए कैबिनेट का बड़ा फैसला: ‘BHAVYA Rasayan’ योजना को मंजूरी, डेवलप होंगे 3 केमिकल पार्क‘प्रिजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम’ का उठाने जा रहे हैं फायदा? ITR Filing से पहले समझ लें नियम, नहीं तो आएगा नोटिस

एडवर्ब जल्द लॉन्च करेगी भारत का पहियों वाला ह्यूमनॉइड रोबॉट

Advertisement

चीन की तुलना में अधिक कीमत को सही ठहराते हुए कुमार ने कहा कि केवल कीमत ही औद्योगिक खरीद से जुड़े फैसले को प्रभावित नहीं करती है।

Last Updated- February 06, 2026 | 9:01 AM IST
Robotics firm Addverb eyes Rs 8,000 crore revenue in five years

देश की सबसे बड़ी स्वदेशी रोबोटिक्स कंपनी एडवर्ब टेक्नोलॉजीज औद्योगिक इस्तेमाल के लिए भारत में बने पहियों वाला ह्यूमनॉइड रोबॉट व्यावसायिक रूप से लॉन्च करने की तैयारी की है। इस कंपनी में रिलायंस की 54 प्रतिशत हिस्सेदारी है। रोबॉट पहले भारत में उतारा जाएगा, फिर वैश्विक बाजारों में। इसकी कीमत यूरोप और जापान की प्रतिस्पर्धी कंपनियों के रोबॉट से कम होगी, लेकिन चीन की तुलना में अधिक होगी।

कंपनी की कीमत रणनीति के बारे में एडवर्ब के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संगीत कुमार ने कहा, ‘चीन का एक अच्छा ह्यूमनॉइड रोबॉट लगभग 50-75 लाख रुपये में उपलब्ध है जबकि यूरोप और जापान के रोबॉट की कीमत लगभग 1 से 1.5 करोड़ रुपये के बीच है। हम अपनी कीमत इन दोनों के बीच रखने की योजना बना रहे हैं। इस रोबॉट को बनाने में डेढ़ साल लगा।’

चीन की तुलना में अधिक कीमत को सही ठहराते हुए कुमार ने कहा कि केवल कीमत ही औद्योगिक खरीद से जुड़े फैसले को प्रभावित नहीं करती है। उन्होंने कहा, ‘सबसे अहम बात यह है कि 20 साल के जीवन वाले उत्पाद में सेवा और भरोसे का आश्वासन होना चाहिए। ऐसी कई रिपोर्ट आई हैं कि चीन के रोबॉट डेटा एकत्र कर रहे हैं और उन्हें चीन में सर्वरों को भेज रहे हैं। हम अधिक कीमत लेंगे क्योंकि हम दुनिया के लिए आपूर्ति का भरोसेमंद स्रोत हैं।’

उन्होंने कहा कि एडवर्ब जापान और यूरोप के कलपुर्जों का उपयोग करता है, जिन्हें चीन के पुर्जों की तुलना में अधिक विश्वसनीय माना जाता है। चीनी पुर्जे अधिकांशत: चीन में ही बनाए जाते हैं। कुमार ने हाल ही में घोषित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का भी जिक्र किया जिसके तहत भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ को 50 से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि चीन के सामान पर आयात शुल्क 31 प्रतिशत बना हुआ है, जिससे भारतीय निर्माताओं को प्रतिस्पर्धा की बढ़त मिलती है।

एडवर्ब की योजना पहले वर्ष में 100 ह्यूमनॉइड रोबॉट बनाने की है ताकि पांच से छह प्रमुख घरेलू ग्राहकों के साथ मांग का परीक्षण किया जा सके। दूसरे वर्ष में उत्पादन 500 यूनिट और तीसरे वर्ष में 2,000 यूनिट तक बढ़ने की उम्मीद है। कुमार ने कहा कि वैश्विक मांग के आधार पर यह समय-सीमा तेज हो सकती है। वर्तमान में वैश्विक ह्यूमनॉइड रोबॉट बाजार लगभग 10,000 यूनिट का है। इसमें भारत में सिर्फ 100-200 यूनिट हैं।

Advertisement
First Published - February 6, 2026 | 9:01 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement