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RBI MPC: सहकारी बैंक अब नहीं रहेंगे कमजोर, RBI लॉन्च करेगा ‘मिशन सक्षम’; NBFCs को भी सौगात

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MSME को बिना गारंटी 20 लाख तक लोन का रास्ता, सहकारी बैंकों के लिए मिशन सक्षम और NBFC सेक्टर को बड़ी राहत

Last Updated- February 06, 2026 | 11:47 AM IST
Reserve Bank of India (RBI)

देश की अर्थव्यवस्था जिस दौर से गुजर रही है, उसमें सबसे ज्यादा जरूरत है भरोसे, पूंजी और मजबूत संस्थानों की। इसी जरूरत को समझते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति यानी RBI MPC ने ऐसे फैसले लिए हैं, जो आने वाले समय में कारोबार और फाइनेंस सेक्टर की दिशा बदल सकते हैं। इन फैसलों का असर सीधे छोटे कारोबारियों, सहकारी बैंकों और NBFC सेक्टर पर पड़ेगा।

MSME के लिए राहत नहीं, नई शुरुआत

छोटे और मध्यम उद्यम देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं, लेकिन पूंजी की कमी उनकी सबसे बड़ी समस्या रही है। अब तक बिना किसी गारंटी के MSME को अधिकतम 10 लाख रुपये तक का लोन मिल पाता था। RBI MPC ने इस सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव देकर साफ संदेश दे दिया है कि छोटे कारोबार अब छोटे नहीं रहेंगे। इस फैसले से न सिर्फ नए कारोबार शुरू करने में मदद मिलेगी, बल्कि पहले से चल रहे उद्योग भी अपने विस्तार की योजना बना सकेंगे।

सहकारी बैंकों को कमजोर कड़ी से मजबूत स्तंभ बनाने की तैयारी

शहरी सहकारी बैंकों की भूमिका आम लोगों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में अहम रही है, लेकिन लंबे समय से इन बैंकों की क्षमता और मैनेजमेंट को लेकर सवाल उठते रहे हैं। RBI MPC ने इसी कमजोरी को ताकत में बदलने के लिए मिशन ‘सक्षम’ शुरू करने का फैसला किया है। इस मिशन के तहत करीब 1.4 लाख से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों को मैनेजमेंट, तकनीकी ज्ञान और आधुनिक बैंकिंग सिस्टम की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका मकसद सहकारी बैंकों को भरोसेमंद बनाना और उन्हें मुख्यधारा की बैंकिंग के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने लायक बनाना है।

NBFC सेक्टर को बड़ी राहत, कारोबार को मिलेगी स्पीड

नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां देश के फाइनेंस सिस्टम में अहम भूमिका निभाती हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां बैंकों की पहुंच सीमित होती है। RBI MPC ने NBFC सेक्टर के लिए कारोबार को आसान बनाने वाले अहम प्रस्ताव रखे हैं। जिन NBFC के पास पब्लिक फंड नहीं है और जिनका एसेट साइज 1000 करोड़ रुपये से कम है, उन्हें रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता से छूट देने का प्रस्ताव है। इसके अलावा कुछ NBFC के लिए 1000 से ज्यादा ब्रांच खोलने से पहले अनुमति लेने की शर्त भी खत्म करने की तैयारी है। इससे NBFC सेक्टर में कामकाज तेज होगा और फाइनेंस की पहुंच और बढ़ेगी।

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First Published - February 6, 2026 | 11:40 AM IST

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