उत्तर प्रदेश

UP Economic Survey 26: ₹36 लाख करोड़ की होगी प्रदेश की अर्थव्यवस्था, कर्ज घटा व निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

वित्त मंत्री ने कहा कि 2016-17 में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार महज 13.30 लाख करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 30.25 लाख करोड़ रुपये हो गया

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- February 09, 2026 | 3:36 PM IST

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार वित्त वर्ष 2025-26 की समाप्ति तक 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1.20 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।

सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। यह पहला मौका है जब उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना अलग आर्थिक सर्वेक्षण जारी किया है। सर्वेक्षण के मुताबिक, देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान वर्ष 2016-17 के 8.6 फीसदी के मुकाबले 2024-25 में बढ़कर 9.1 फीसदी हो गया है।

वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2016-17 में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार महज 13.30 लाख करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 30.25 लाख करोड़ रुपये हो गया। चालू वित्त वर्ष में इसके 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

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आर्थिक मोर्चे पर मजबूती, आय और कर्ज दोनों में सुधार

आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया है कि आजादी के समय 1947 में उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत के बराबर थी, लेकिन 2014-15 में यह घटकर महज 50.02 फीसदी रह गई थी। प्रदेश सरकार के प्रयासों से 2024-25 में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर राष्ट्रीय औसत का 53.5 फीसदी हो गई है।

सर्वेक्षण के अनुसार, वर्ष 2024-25 में प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों का योगदान 25.8 फीसदी, औद्योगिक क्षेत्र का 27.2 फीसदी और सेवा क्षेत्र का 47 फीसदी रहा। वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश ने कर्ज के मोर्चे पर भी सुधार किया है। सार्वजनिक ऋण-से-जीडीपी अनुपात, जो 2016-17 में 29.3 फीसदी था, 2024-25 में घटकर 28 फीसदी रह गया है।

आर्थिक सर्वेक्षण में राजस्व क्षेत्र में हुई प्रगति का भी जिक्र किया गया है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश का स्वयं का कर राजस्व 86 हजार करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में ढाई गुना बढ़कर 2.09 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

औद्योगिक मोर्चे पर भी उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन मजबूत रहा है। वर्ष 2016-17 में जहां प्रदेश में कुल 14,169 कारखाने थे, वहीं नवंबर 2025 तक इनकी संख्या बढ़कर 30,169 हो गई है। उद्योगों के सकल मूल्य वर्धन में पिछले वर्ष की तुलना में 25 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत 11.9 फीसदी से कहीं अधिक है।

निर्यात के क्षेत्र में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वित्त वर्ष 2016-17 में जहां कुल निर्यात 46 हजार करोड़ रुपये था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 1.86 लाख करोड़ रुपये हो गया। चालू वित्त वर्ष में नवंबर तक प्रदेश से 1.31 लाख करोड़ रुपये का निर्यात किया जा चुका है।

आर्थिक सर्वेक्षण में पिछले सात वर्षों के दौरान प्रदेश में एक्सप्रेसवे, रेल नेटवर्क और हवाई अड्डों जैसी प्रमुख ढांचागत परियोजनाओं के पूरा होने का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा मेट्रो और रैपिड रेल परियोजनाओं की प्रगति का जिक्र करते हुए कानपुर को ड्रोन हब और राजधानी लखनऊ को एआई विशेष क्षेत्र के रूप में विकसित किए जाने की योजना का भी विवरण दिया गया है।

First Published : February 9, 2026 | 3:29 PM IST