कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) की प्रायोगिक परियोजना में प्रस्तावित बदलावों के बारे में व्यय वित्त समिति को एक नोट सौंपा है। इन बदलावों में उम्मीदवारों के लिए इसे और अधिक सुलभ तथा आकर्षक बनाने के लिए इंटर्नशिप की अवधि के साथ-साथ आयु सीमा कम करना भी शामिल है। आधिकारिक सूत्रों ने इसकी जानकारी दी।
सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय योजना शुरू करने से पहले प्रस्तावित बदलावों के साथ योजना का परीक्षण करना चाहता है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार इस योजना को पूरी तरह से शुरू करने से पहले प्रायोगिक चरण में करीब 1 लाख प्रशिक्षुओं को शामिल करना चाहती है।
वित्त वर्ष 2024-25 में 840 करोड़ रुपये के बजट के साथ पीएम इंटर्नशिप योजना की शुरुआत के लिए एक प्रायोगिक परियोजना को मंजूरी दी गई थी। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने आज संसद में एक सवाल के जवाब में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 31 दिसंबर तक पायलट परियोजना के लिए 64.91 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया है। 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 4,800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में योजना को आवंटित 10,831 करोड़ रुपये में से मंत्रालय ने संशोधित अनुमान में 541 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी दी।
मंत्रालय योजना के मानदंडों में बदलाव करके इनमें से कुछ चिंताओं को दूर करने की कोशिश कर रहा है। 27 जनवरी तक पहले चरण के तहत 3,417 प्रशिक्षुओं ने इंटर्नशिप पूरी कर ली है। प्रायोगिक परियोजना के दोनों चरण में 7,094 उम्मीदवारों ने इंटर्नशिप को बीच में छोड़ दी और उसे पूरा नहीं किया। पहले चरण में 1.81 लाख उम्मीदवारों से 6.21 लाख से आवेदन प्राप्त हुए। दूसरे चरण में 4.55 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।