उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को हंगामेदार रही। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया और गो-बैक के नारे लगाए।
महंगाई, बेरोजगारी, मतदाता सूची पुनरीक्षण और यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी समाजवादी पार्टी के विधायकों ने बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान जोरदार नारेबाजी की। भाषण शुरू होते ही सपा विधायक सदन के फर्श पर उतर आए और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे। राज्यपाल पटेल ने भाषण के दौरान नारेबाजी कर रहे विधायकों को शांत रहने के लिए टोका, लेकिन हंगामा थमता नजर नहीं आया।
इससे पहले सपा विधायकों ने विधानभवन परिसर में भी घूम-घूमकर नारेबाजी की। सपा विधायक अहिल्याबाई की तस्वीर लेकर प्रदर्शन करते नजर आए और आरोप लगाया कि सरकार वाराणसी में मंदिर तोड़ रही है।
राज्यपाल के करीब 30 मिनट तक चले अभिभाषण के दौरान टोका-टाकी और नारेबाजी जारी रही। सपा विधायक और अपना दल की नेता पल्लवी पटेल विपक्ष के हंगामे में शामिल नहीं हुईं। वहीं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा के पास कोई मुद्दा नहीं है और वह बौखलाहट में हंगामा कर रही है।
बजट सत्र में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया।
अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में दो-दो विद्यालयों को मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय और एक-एक विद्यालय को मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में शिक्षकों के उपयोग के लिए 2.61 लाख से अधिक टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं।
राज्यपाल ने यह भी बताया कि वर्ष 2025-26 में दुर्बल वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की योजना के तहत 1.40 लाख से अधिक बच्चों का प्रवेश कराया गया है। इसके अलावा प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत विद्यालयों के जर्जर भवनों का नवनिर्माण और सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच 275 करोड़ रुपये की लागत से 590 सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों को इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है। राज्यपाल ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार की आर्थिक और औद्योगिक उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।
कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने आरोप लगाया कि राज्यपाल ने पूरा अभिभाषण नहीं पढ़ा, बल्कि उसके कुछ अंश ही सदन में रखे गए। उन्होंने इसे दुखद और संवैधानिक परंपराओं के विपरीत बताया।
राज्यपाल के अभिभाषण और आर्थिक सर्वेक्षण पेश किए जाने के बाद दो दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि दी गई, जिसके बाद विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार-गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।