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योगी का बैंकरों को निर्देश: किसानों को आसान शर्तों पर दें कर्ज, FPO, MSME जुड़े लोगों का भी करें सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि बैंक, NABARD और अन्य वित्तीय संस्थान प्रशिक्षण और ऋण को साथ लेकर चलें, तो प्रदेश में रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता की रफ्तार कई गुना तेज हो सकती है

Last Updated- February 06, 2026 | 4:53 PM IST
Nabard
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य अधिकारीगण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैंकरों से किसानों को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बैंक सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ किसानों, FPO, MSME और सहकारिता से जुड़े लोगों को सहयोग दें।

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD), उत्तर प्रदेश द्वारा राजधानी लखनऊ में आयोजित स्टेट क्रेडिट सेमिनार एवं राज्य फोकस पेपर 2026–27 के विमोचन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ नीतियां बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका असर जमीन पर भी दिखना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि छोटे-छोटे समूह बनाकर लक्षित प्रशिक्षण दिया जाए, मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जाएं और उन्हें सीधे उन लोगों के बीच भेजा जाए, जो FPO, MSME, सर्विस सेक्टर, लखपति दीदी के लिए प्रस्तावित शी-मार्ट मॉडल या सहकारी संस्थाओं के माध्यम से आगे बढ़ना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि बैंक, NABARD और अन्य वित्तीय संस्थान प्रशिक्षण और ऋण को साथ लेकर चलें, तो प्रदेश में रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता की रफ्तार कई गुना तेज हो सकती है। तकनीक, ट्रेनिंग और वैल्यू एडिशन के जरिए उत्तर प्रदेश अपने असीमित सामर्थ्य को साकार कर रहा है और यही प्रयास प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

डिजिटल गवर्नेंस से बदली ऋण स्वीकृति की तस्वीर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस ने उत्तर प्रदेश में ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है। पहले किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से ऋण लेने में अन्नदाता किसान को 25 दिन से लेकर एक महीने तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब e-KCC के जरिए मात्र पांच मिनट में ऋण सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026–27 के लिए प्रदेश का कृषि ऋण लक्ष्य 3 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो पहले की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। यही सुशासन है और इसी दिशा में और मजबूती से आगे बढ़ना होगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार और अन्नदाता किसान मिलकर यह सोच रहे हैं कि खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कैसे किया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से केंद्रीय बजट में AI एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म की घोषणा की गई है और उत्तर प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (FPO) को मंच पर सम्मानित भी किया।

कृषि और MSME में पूंजी निवेश बढ़ाने पर जोर

भारतीय रिजर्व बैंक की क्षेत्रीय निदेशक पंकज कुमार ने प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कृषि में पूंजी निर्माण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने RBI की पहलों, जैसे यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस और उधारकर्ताओं के लिए सहमति-आधारित, पेपरलेस और प्रभावी ऋण सुविधा उपलब्ध कराने वाले RBI इनोवेशन हब का विशेष रूप से उल्लेख किया।

स्वागत संबोधन में NABARD, उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार ने कहा कि स्टेट फोकस पेपर में प्रस्तुत अनुमान राज्य के सभी 75 जिलों में जमीनी स्तर पर आंकी गई ऋण क्षमता का समेकित स्वरूप हैं। उन्होंने बताया कि इसी आधार पर वर्ष 2026–27 के लिए राज्य की वार्षिक ऋण योजना (ACP) को स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी द्वारा अंतिम रूप दिया जाएगा।

उन्होंने ACP लक्ष्यों को स्टेट फोकस पेपर के साथ सक्रिय रूप से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि कृषि और MSME क्षेत्रों में ऋण प्रवाह को प्राथमिकता देना जरूरी है, ताकि राज्य सरकार के 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के अनुरूप वित्तीय प्रवाह सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में ऋण प्रवाह अभी भी बड़े पैमाने पर फसल उत्पादन तक सीमित है, जबकि कृषि अवसंरचना में निवेश, जो कृषि विकास को गति देने के लिए अनिवार्य है, उस पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा।

First Published - February 6, 2026 | 4:32 PM IST

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