इस इकाई का औपचारिक उद्घाटन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने उद्योग मंत्री टीआरबी राजा की मौजूदगी में किया
तमिलनाडु आज मशहूर ब्रांड जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) के उत्पादन के नक्शे पर औपचारिक रूप से आ गया। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और उसकी शाखा जेएलआर ने चेन्नई से लगभग 85 किलोमीटर दूर तमिलनाडु में रानीपेट जिले के पनापक्कम में 9,000 करोड़ रुपये की विनिर्माण इकाई में परिचालन शुरू करने की घोषणा की है। कंपनी ने कहा कि 5 से 7 साल में वह प्रति वर्ष लगभग 2,50,000 से 3,00,000 गाड़ियों का उत्पादन करेगी। इससे वह देश की ऐसी सबसे बड़ी इकाइयों में से एक बन जाएगी और पनापक्कम निर्यात केंद्र में तब्दील हो जाएगा।
टाटा संस और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि तमिलनाडु इस वैश्विक ब्रांड की विनिर्माण करने वाली इकाइयों की विशिष्ट सूची में शामिल हो गया है, जिसमें ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया, चीन और ब्राजील आते हैं। इस संयंत्र से निकलने वाली पहली गाड़ी जेएलआर की स्थानीय रूप से विनिर्मित रेंज रोवर इवोक है, जो अपने आधुनिक लग्जरी और बेहतरीन शिल्प के लिए दुनिया भर में मशहूर है।
चंद्रशेखरन ने कहा, ‘अब तमिलनाडु वैश्विक उत्पादन के नक्शे का हिस्सा बन जाएगा। टाटा ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा पावर, टाटा केमिकल्स, इंडियन होटल्स और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के जरिये तमिलनाडु में बड़े स्तर पर अपनी मौजूदगी बनाई है।’
उन्होंने कहा, ‘यह फैक्टरी टाटा मोटर्स-जेएलआर की फैक्टरियों में सबसे ज्यादा आधुनिक है। चार साल में कुल 3 चरणों की योजना है। तब तक हम हर साल लगभग 2,50,000 से 3,00,000 गाड़ियों के उत्पादन की योजना बना रहे हैं।’
यह मौजूदा इकाई टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और जेएलआर दोनों ही ब्रांडों के मामले में ईवी समेत अगली पीढ़ी की गाड़ियों के उत्पादन के लिए नए संयंत्र के विकास का पहला चरण है। इस इकाई का औपचारिक उद्घाटन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने उद्योग मंत्री टीआरबी राजा की मौजूदगी में किया।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा ‘टाटा ग्रुप ने लंबे समय से राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। तमिलनाडु के साथ उसकी गहरी, ऐतिहासिक साझेदारी है। इस नई विनिर्माण इकाई में परिचालन शुरू होने और रानीपेट के पनापक्कम में पहली रेंज रोवर इवोक पेश करने के साथ राज्य को विश्व स्तरीय वाहन विनिर्माण के विस्तार का गवाह बनने पर गर्व है। तमिलनाडु इस महत्त्वपूर्ण उपलब्धि का स्वागत करता है और उन उद्योगों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है, जो नौकरियां पैदा करते हैं, नवाचार को बढ़ावा देते हैं तथा विनिमार्ण और परिवहन के लिए भारत के अग्रणी हब के रूप में हमारी मौजूदगी मजबूत करते हैं।’
पनापक्कम संयंत्र में विश्व स्तरीय गाड़ियां बनाने के लिए आधुनिक विनिर्माण तकनीक और कुशल श्रमबल एक साथ मौजूद हैं। यह इकाई पूरे तमिलनाडु के विशिष्ट तकनीशियनों की विविध टीमों द्वारा चलाई जाती है। ये टीम टाटा मोटर्स के ‘लक्ष्य’ कार्यक्रम में भी भाग ले रही हैं। यह ‘सीखते हुए कमाओ’ वाली पहल है, जो निचले स्तर से इंजीनियरिंग और प्रबंधन वाली भूमिकाओं में प्रतिभा विकास को बढ़ाती है।
चंद्रशेखरन ने कहा, ‘हमारी पनापक्कम इकाई का उद्घाटन पर्यावरण अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार विनिर्माण में भारत का नेतृत्व तेज करने की टाटा ग्रुप की यात्रा में महत्त्वपूर्ण उपलब्धि का प्रतीक है। हमें तमिलनाडु के साथ लंबे समय से चली आ रही अपनी साझेदारी और मजबूत करने पर भी गर्व है। यह ऐसा राज्य है जो औद्योगिक उत्कृष्टता, नवाचार और समावेशी विकास को लगातार बढ़ावा दे रहा है।’