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AI Impact Summit 2026: पंजीयन के नाम पर वसूली से बचें, इंडिया AI मिशन ने जारी किया अलर्ट

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एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि बेंगलूरु में कुछ मामलों में लोगों से पंजीकरण शुल्क मांगा गया है

Last Updated- February 09, 2026 | 10:58 PM IST
artificial intelligence
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

इंडिया एआई मिशन ने एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने जा रहे सभी अंशधारकों और प्रतिभागियों को चेताया है कि 16 फरवरी से नई दिल्ली में होने जा रहे इस आयोजन में भागीदारी, पंजीयन या बोलने का कोई शुल्क निर्धारित नहीं है।

मिशन ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट में कहा, ‘यह इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की ओर से जारी एक आधिकारिक अलर्ट है। जो समिट के नाम पर की जा रही धोखाधड़ी गतिविधियों से संबंधित है। पंजीकरण, भागीदारी या वक्ता बनने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। किसी भी प्रकार का धन मांगने वाला संचार नकली है और उसे नजरअंदाज कर रिपोर्ट किया जाना चाहिए।’

यह संदेश इसलिए जारी किया गया कि इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों को इस बारे में जानकारी मिली थी कि कुछ ऐसे मामले हुए हैं जहां वक्ताओं और प्रतिभागियों से पंजीयन के लिए शुल्क की मांग की गई।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि बेंगलूरु में कुछ मामलों में लोगों से पंजीकरण शुल्क मांगा गया है। उन्होंने कहा कि कोई पंजीकरण शुल्क नहीं है और राज्य सरकार और कानून प्रवर्तन अधिकारियों से इस मामले की जांच करने को कहा गया है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि कुछ विदेशी प्रतिनिधियों से भी उनके दस्तावेजों को ‘सत्यापित’ करने के लिए मामूली शुल्क मांगा गया है ताकि उनके पंजीकरण को शीघ्रता से पूरा किया जा सके।

अल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, एनवीडिया के अध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी जेनसन हुआंग, गूगल डीपमाइंड के सह संस्थापक और सीईओ डेमिस हासाबिस, क्वालकॉम के सीईओ क्रिस्टियानो अमोन, एंथ्रोपिक के सीईओ डेरियो एमोडेई, गेट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष बिल गेट्स तथा कई अन्य दिग्गज इस समिट में बोलने वाले हैं।

इस पांच दिवसीय समिट के दौरान, अपेक्षा है कि सरकार वैश्विक हितधारकों को नवीनतम स्वदेशी नवाचार प्रदर्शित करेगी, जिसमें घरेलू बड़े और छोटे भाषा मॉडल विकसित करने में अब तक की प्रगति भी शामिल होगी।

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First Published - February 9, 2026 | 10:58 PM IST

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