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गैस संकट गहराया: कतर से LNG बंद, CNG महंगी होने का खतरा

पश्चिम एशिया युद्ध का असर: कतर ने रोका गैस उत्पादन, भारत में सप्लाई पर बड़ा संकट

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- March 04, 2026 | 4:48 PM IST

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण कतर ने तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया है। कतर की गैस सुविधाओं पर हमले के बाद यह फैसला लिया गया। इससे भारत को मिलने वाली गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है।

भारत की गैस सप्लाई पर असर

भारत अपनी गैस जरूरत का बड़ा हिस्सा कतर से लंबे समय के समझौते के तहत खरीदता है। लेकिन मौजूदा हालात के कारण गैस के जहाज भारत नहीं आ पा रहे हैं। इससे कई उद्योगों और शहर गैस वितरण (CGD) कंपनियों की सप्लाई में करीब 40 प्रतिशत तक कटौती करनी पड़ी है।

सीएनजी और शहर गैस क्षेत्र पर दबाव

कुछ उद्योग महंगे वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन सीएनजी और शहर गैस क्षेत्र के लिए स्थिति ज्यादा मुश्किल हो सकती है। शहर गैस कंपनियों का कहना है कि अगर कतर से मिलने वाली सस्ती गैस की जगह स्पॉट मार्केट से महंगी गैस खरीदनी पड़ी तो सीएनजी की कीमत बढ़ सकती है। इससे लोग इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर जा सकते हैं।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होने से जहाज फंसे

भारत की सबसे बड़ी LNG आयातक कंपनी पेट्रोनेट LNG फिलहाल कतर से गैस लाने के लिए जहाज नहीं भेज पा रही है। वजह यह है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज लगभग बंद हो गया है। यह समुद्री रास्ता पश्चिम एशिया से तेल और गैस की सप्लाई के लिए बहुत अहम माना जाता है।

पेट्रोनेट ने बताया कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति के कारण जहाज सुरक्षित तरीके से कतर के रस लाफान बंदरगाह तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

कतर की गैस सुविधाओं पर हमला

कतर के रस लाफान और मेसईद औद्योगिक शहरों में स्थित LNG सुविधाओं पर ईरान के ड्रोन हमले के बाद उत्पादन रोक दिया गया है। कतरएनर्जी ने कहा कि हमलों के कारण LNG और उससे जुड़े उत्पादों का उत्पादन फिलहाल बंद कर दिया गया है।

फोर्स मेजर नोटिस जारी

पेट्रोनेट LNG ने कहा है कि जहाज नहीं भेज पाने के कारण उसने कतरएनर्जी को फोर्स मेजर नोटिस जारी किया है। वहीं कतरएनर्जी ने भी युद्ध जैसी स्थिति के कारण भारत को गैस सप्लाई करने में असमर्थता जताते हुए ऐसा ही नोटिस भेजा है।

भारत की LNG जरूरत में कतर की बड़ी हिस्सेदारी

भारत हर साल लगभग 27 मिलियन टन LNG आयात करता है। इसमें से करीब 40 प्रतिशत गैस कतर से आती है। पेट्रोनेट का कतर से हर साल 8.5 मिलियन टन LNG खरीदने का लंबी अवधि का समझौता है।

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शहर गैस कंपनियों ने जताई चिंता

शहर गैस कंपनियों के संगठन एसोसिएशन ऑफ CGD एंटिटीज (ACE) ने सरकारी कंपनी गेल को पत्र लिखकर गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सस्ती गैस की सप्लाई 60 प्रतिशत तक सीमित हो गई है और स्पॉट मार्केट से गैस की सप्लाई फिलहाल बंद है।

स्पॉट मार्केट में गैस महंगी

इस संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट में LNG की कीमत बढ़कर लगभग 25 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट हो गई है। यह कीमत लंबे समय के अनुबंध वाली कीमत से करीब दोगुनी है।

भारत के लिए हॉर्मुज का महत्व

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के ऊर्जा व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है। दुनिया के करीब एक-तिहाई समुद्री तेल निर्यात और लगभग 20 प्रतिशत LNG सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। भारत के लिए भी यह मार्ग अहम है, क्योंकि देश के लगभग 50 प्रतिशत कच्चे तेल और करीब 54 प्रतिशत LNG आयात इसी रास्ते से होते हैं। (PTI के इनपुट के साथ)

First Published : March 4, 2026 | 4:40 PM IST