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कॉल और डेटा के बाद अब AI टोकन से कमाई की तैयारी में जियो

जियो प्लेटफॉर्म्स के सीईओ मैथ्यू ओमन बोले- AI टेलीकॉम इंडस्ट्री को पूरी तरह बदल देगा

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- March 04, 2026 | 5:45 PM IST

रिलायंस जियो आने वाले समय में दुनिया के पहले बड़े टोकन सर्विस प्रोवाइडर बनने का लक्ष्य रख रहा है। जियो प्लेटफॉर्म्स के ग्रुप सीईओ मैथ्यू ओमन ने बार्सिलोना में आयोजित मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में यह बात कही। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दौर टेलीकॉम सेक्टर के लिए सिर्फ एक अपग्रेड नहीं बल्कि एक बड़ा बदलाव है। जो टेलीकॉम कंपनियां AI को तेजी से अपनाएंगी, वही आगे सफल होंगी।

टेलीकॉम की नई ‘करेंसी’ होगी टोकन

ओमन ने कहा कि टेलीकॉम इंडस्ट्री में पहले कमाई कॉल मिनट्स से होती थी, फिर डेटा (बाइट्स) से होने लगी। अब आने वाले समय में यह बदलकर टोकन पर आधारित हो सकती है। उनका कहना है कि जियो इस नए मॉडल में तेजी से आगे बढ़ना चाहता है।

कम कीमत में सेवाएं देने का अनुभव

ओमन ने कहा कि जियो पहले भी भारत में सस्ती सेवाएं देने में सफल रहा है। कंपनी के पास इस समय 52.5 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं और भारत में डेटा की कीमत करीब 9 सेंट प्रति GB है, जो दुनिया में सबसे कम में से एक है। उन्होंने कहा कि जियो भविष्य में टोकन आधारित सेवाएं भी कम कीमत पर देने का लक्ष्य रखता है।

AI से बदलेगा नेटवर्क और डिवाइस

ओमन के अनुसार AI आने के बाद टेलीकॉम नेटवर्क और डिजिटल डिवाइस पूरी तरह बदल जाएंगे। उनका कहना है कि जियो सिर्फ इंटरनेट कनेक्टिविटी देने वाली कंपनी नहीं बनना चाहता, बल्कि AI इकोसिस्टम का अहम हिस्सा बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि जियो का लक्ष्य केवल “टोकन पाइप” बनने का नहीं बल्कि टोकन बनाने और उसके पूरे इकोनॉमिक सिस्टम (टोकनोमिक्स) का हिस्सा बनने का है।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर में टेलीकॉम की बड़ी भूमिका

ओमन ने कहा कि टेलीकॉम सेक्टर भविष्य में ऊर्जा, वित्त, परिवहन, रक्षा और सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों के लिए AI इंफ्रास्ट्रक्चर का आधार बनेगा। उन्होंने बताया कि जियो एक इंटेलिजेंस आर्किटेक्चर तैयार कर रहा है, जिसमें भरोसेमंद AI इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट डिवाइस अहम भूमिका निभाएंगे।

AI से आएगा बड़ा आर्थिक बदलाव

ओमन के अनुसार दुनिया में 2026 तक AI पर 3 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा निवेश होने की उम्मीद है। इसमें से लगभग 810 बिलियन डॉलर बड़े टेक प्लेटफॉर्म्स द्वारा खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि AI का दौर इंडस्ट्रियल और इंटरनेट युग के बाद अगला बड़ा बदलाव है और इससे नई अर्थव्यवस्था और नए कारोबार के अवसर पैदा होंगे।

स्केलबल टोकन क्या होता है

स्केलबल टोकन को आसान भाषा में समझें तो यह डिजिटल सिस्टम या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में इस्तेमाल होने वाली जानकारी की छोटी इकाई होती है। जब कोई व्यक्ति AI से सवाल पूछता है या कोई काम करवाता है, तो AI पूरे वाक्य को एक साथ नहीं बल्कि छोटे-छोटे हिस्सों में समझता और प्रोसेस करता है। इन छोटे हिस्सों को टोकन कहा जाता है। AI इन्हीं टोकन के आधार पर काम करता है और कई मामलों में सेवाओं की लागत भी इसी के आधार पर तय होती है। टेलीकॉम कंपनियों के संदर्भ में इसका मतलब यह है कि भविष्य में सेवाओं की कीमत केवल कॉल मिनट या इंटरनेट डेटा पर नहीं बल्कि AI के इस्तेमाल पर भी तय हो सकती है। यानी जितना ज्यादा AI इस्तेमाल होगा, उतने ज्यादा टोकन खर्च होंगे।

First Published : March 4, 2026 | 5:45 PM IST